
अशोकनगर। जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड से समाज को झकझोर देने वाली एक बेहद शर्मनाक खबर सामने आई है। जहाँ एक ओर जन्म देने वाली माँ को बच्चे का ढाल माना जाता है, वहीं अशोकनगर में समाज की संकीर्ण मानसिकता और बेटे की चाह ने एक माँ को अपनी ही नवजात बच्ची की कातिल बना दिया। महज़ एक दिन की मासूम का गला दबाकर हत्या करने के इस जघन्य मामले का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी माँ को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने जब जिला अस्पताल में 3 अक्टूबर को हुई इस संदिग्ध मौत की जांच शुरू की, तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। प्रसूता वार्ड के भीतर सीसीटीवी न होने से मामला पेचीदा था, लेकिन कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान और उनकी टीम ने परिजनों से अलग-अलग पूछताछ कर कड़ी से कड़ी जोड़ी। गहन जांच के बाद जब पुलिस का संदेह प्रसूता पर गहराया, तो चिकित्सकीय अनुमति के साथ की गई पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी महिला ने बताया कि उसकी पहली संतान भी बेटी थी। परिवार में लड़के की चाहत को लेकर होने वाली बातों के कारण वह इस बार बेटे की उम्मीद कर रही थी। लेकिन 2 अक्टूबर की रात जब दोबारा बेटी ने जन्म लिया, तो वह मानसिक रूप से आपा खो बैठी और आवेश में आकर अपनी ही कोख से जन्मी मासूम की सांसें हमेशा के लिए रोक दीं।
दूसरी बेटी होने से थी परेशान
ममता को कलंकित करने वाली आरोपी मां भावना पत्नी केदार विश्वकर्मा ने बताया कि वह दूसरी बेटी होने से परेशान थी, और उसे परिवार परिवार के तानों से दिक्कत थी जिसके चलते उसने कंबल से अपनी कोख से जन्मी बेटी गला दबाया था, जिसके चलते बेटी के मुंह से खून निकला और उसके बाद उसने अपनी सास को बताया और सास ने डॉक्टर को जहां डॉक्टर ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
