कोलकाता, 06 अक्टूबर (वार्ता) पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के पांच महीने बाद मंगलवार को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में क्रमश: 79.39 प्रतिशत और 78.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग ने मतदान के यह आंकड़े जारी किए हैं।
सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 6 बजे समाप्त हुई। इन उपचुनावों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद राजनीतिक संदेशों की दृष्टि से इन दोनों उपचुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिन चढ़ने के साथ ही दोनों क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत तेजी से बढ़ा। सुबह 11 बजे तक नंदीग्राम में 43.95 प्रतिशत और रेजीनगर में 38.71 प्रतिशत वोट पड़े थे। नंदीग्राम से मतदाता मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने काफिले को पीछे छोड़कर अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया। रास्ते में उन्होंने लोगों से बातचीत की और बाद में विश्वास व्यक्त किया कि चुनाव क्षेत्र में अंतिम मतदान 85 से 90 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
श्री अधिकारी ने यह भी दावा किया कि भाजपा रिकॉर्ड अंतर से नंदीग्राम जीतेगी। उन्होंने कहा, “2016 में मैंने इस सीट से 82,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। मुझे विश्वास है कि इस बार वह रिकॉर्ड भी टूट जाएगा।” गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत हासिल करने के बाद श्री अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया था।
भाजपा ने इस सीट से हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने मिलन प्रधान को नामांकित किया है। 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में गिरफ्तार प्रधान ने प्रचार का एक बड़ा हिस्सा हिरासत में बिताया, जिसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी। इस सीट पर वाममोर्चा, आईएसएफ और ऋतब्रत बनर्जी नीत डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं।
दूसरी ओर, रेजीनगर में पुलिस और आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कबीर, दिनभर पुलिस की कार्यप्रणाली की आलोचना कर रहे थे और बाद में उनके पार्टी कार्यालय में पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और बहस के बाद हिरासत में ले लिया गया। पुलिस उन्हें गाड़ी में बिठाकर थाने ले गई। चुनाव आयोग ने इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है और चुनाव नियमों का उल्लंघन करने पर किसी भी बड़े नेता को हिरासत में लिया जा सकता है। रेजीनगर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने वाले कबीर ने नौदा सीट अपने पास रखी और रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था।
दोनों विधानसभा क्षेत्रों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। नंदीग्राम में केंद्रीय बलों की 37 कंपनियां और रेजीनगर में 34 कंपनियां तैनात की गई थीं। नंदीग्राम के 323 मतदान केंद्रों में से 79 को संवेदनशील घोषित किया गया था, जबकि रेजीनगर में 315 मतदान केंद्र बनाए गए थे। 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि दोनों सीटों पर जनता ने किसे अपना जनादेश दिया है।
