रीवा:विंध्य को हवाई नक्शे पर लाने का सपना दिखाया गया, बड़ा एयरपोर्ट बना, लेकिन उड़ानें जमीन पर ही दम तोड़ रही हैं। रीवा से उड़ानों की अनिश्चितता अब यात्रियों के सब्र का बांध तोड़ रही है। कोलकाता-रीवा-भोपाल रूट की ATR-72 फ्लाइट इस महीने दूसरी बार रद्द हो गई। कंपनी ने वही पुराना कारण बताया – तकनीकी खराबी।
सवाल यह है कि हर बार तकनीकी खराबी ही क्यों? क्या विमानों का मेंटेनेंस ठीक से नहीं हो रहा? 17 अक्टूबर को भी यही फ्लाइट रद्द हुई थी। इसी महीने दिल्ली और इंदौर की फ्लाइट भी कैंसिल हो चुकी हैं। यानी हफ्ते में 3-4 दिन चलने वाली फ्लाइटों में से आधी बार यात्रियों को धोखा मिल रहा है।
सबसे बड़ी मार कनेक्टिंग पैसेंजर पर
रीवा से अब सीधे महानगरों के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली, भोपाल, इंदौर होकर विदेश तक जाने वाले यात्री भी सफर कर रहे हैं। उनकी आगे की महंगी फ्लाइट छूट रही है। एक फ्लाइट कैंसिल होने से पूरा टूर, मीटिंग, इंटरव्यू सब चौपट। एयरपोर्ट पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं। यात्री बोले – हमें पहले से डर लगता है कि हमारी फ्लाइट उड़ेगी भी या नहीं।
लोगों में आक्रोश है कि अगर भरोसेमंद सेवा नहीं दे सकते, तो दिखावे की उड़ानें क्यों शुरू की गईं? रीवा एयरपोर्ट से उड़ान भरना अब जोखिम भरा सट्टा बन गया है
