मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के वाहन पर हुई गोलीबारी के हाई-प्रोफाइल मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ी और कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कदम उठाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन की मंजूरी के बाद गिरफ्तार सभी 10 अपराधियों के खिलाफ ‘महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट’ (MCOCA) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस वारदात में गिरफ्तार 2 महिलाओं ने ही 18 अक्टूबर की शाम निजी कार्यक्रम से लौट रहे टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चलाने वाले तीन शूटरों को अवैध हथियार मुहैया कराए थे।
सलमान खान और बाबा सिद्दीकी केस के बाद बिश्नोई गैंग के खिलाफ यह तीसरा मकोका, संगठित अपराध को खत्म करने में जुटी पुलिस
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ मुंबई पुलिस द्वारा मकोका कानून लागू करने का यह तीसरा बड़ा मामला है। इससे पहले जनवरी 2024 में अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित आवास के बाहर हुई फायरिंग मामले में लॉरेंस बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई और रोहित गोदारा समेत 9 आरोपियों पर मकोका लगाया गया था। वहीं नवंबर 2024 में पूर्व राज्य मंत्री बाबा सिद्दीकी की निर्मम हत्या के मामले में भी अनमोल बिश्नोई और शुभम लोनकर सहित 26 आरोपियों पर इसी कड़े कानून के तहत शिकंजा कसा गया था, जिससे अब इस नेटवर्क की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
मकोका लागू होने से पुलिस को मिलेगी 30 दिन की रिमांड और 180 दिन का समय, आरोपियों के लिए जमानत पाना होगा बेहद मुश्किल
संगठित अपराध से निपटने वाले कड़े मकोका कानून के तहत पुलिस प्रशासन को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए 180 दिनों का समय मिल जाता है, जो सामान्य कानूनों की 60 से 90 दिनों की सीमा से काफी अधिक है। इसके अतिरिक्त, पुलिस को आरोपियों की 30 दिनों तक की कस्टडी रिमांड हासिल करने का अधिकार मिल जाता है। इस कानून में न्यूनतम पांच साल की जेल से लेकर अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान है और इसके लागू होने के बाद आरोपियों के लिए अदालत से जमानत हासिल करना लगभग असंभव हो जाता है।

