कोच्चि, 28 अक्टूबर (वार्ता) बुधवार को हुए विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2027 मिनी-ऑक्शन में श्रीलंका की कप्तान चामरी अथापथु का न बिकना सबसे बड़े सरप्राइज में से एक रहा। नीलामी में उपलब्ध प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल होने के बावजूद, उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा।
श्रीलंका की सबसे प्रभावशाली क्रिकेटरों में से एक, चामरी अथापथु को कोई खरीदार नहीं मिला। कोच्चि में हुई इस नीलामी के दौरान सभी पांच फ्रेंचाइजियों ने अपने बचे हुए बजट और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को चुना।
इस नीलामी में टीमें स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों और ऑलराउंडरों को लेने के लिए होड़ लगा रही थीं। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू को सबसे बड़ी बोली मिली; डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ कड़े मुकाबले के बाद, यूपी वॉरियर्स ने उन्हें 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा।
चामरी अथापथु के लिए किसी भी टीम द्वारा बोली न लगाना कई सवाल खड़े करता है कि फ्रेंचाइजियों ने विदेशी खिलाड़ियों को चुनने में क्या प्राथमिकताएं रखीं, खासकर तब जब हर टीम अपनी स्क्वॉड में अधिकतम छह विदेशी खिलाड़ियों को शामिल कर सकती है।
नीलामी में कई अन्य जाने-माने खिलाड़ी भी नहीं बिके। इनमें इंग्लैंड की बल्लेबाज सोफिया डंकले, भारत की स्पिनर आशा शोभना, साइका इशाक, तेज गेंदबाज तितास साधु और विकेटकीपर-बल्लेबाज तानिया भाटिया शामिल हैं।
कुल 150 खिलाड़ी 27 खाली जगहों के लिए दावेदार थे और सभी टीमों के पास मिलाकर कुल 8.15 करोड़ रुपये का बजट बचा था। ऐसे में फ्रेंचाइजियों के लिए अनुभव, स्पेशलिस्ट भूमिकाओं और बजट की सीमाओं के बीच सही संतुलन बिठाना एक मुश्किल काम था।
नीलामी में चामरी अथापथु का न बिकना एक अहम घटना रही, हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि फ्रेंचाइजियों ने उनके लिए बोली क्यों नहीं लगाई।
