
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की कथित तौर पर लगातार हो रही मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने मामले में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
अपने पत्र में उमंग सिंघार ने कहा कि विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार प्रभावित गांवों में करीब 30 बैगा बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से मलेरिया, खसरा और अन्य संक्रमणों के साथ कुपोषण, दूषित पेयजल तथा पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ने अत्यंत चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बैगा समुदाय को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की श्रेणी में रखा गया है और यह समुदाय केंद्र सरकार की पीएम-जनमन योजना के दायरे में आता है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण, सुरक्षित पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि इलाज योग्य बीमारियों से बच्चों की मौतें होना जमीनी स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उमंग सिंघार ने मामले की उच्चस्तरीय चिकित्सकीय जांच कराने, प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्काल तैनाती तथा गांवों में पर्याप्त दवाइयां, पोषण सेवाएं और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।उन्होंने प्रधानमंत्री से मध्य प्रदेश सरकार को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देने, प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने तथा भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
