सुनिल योगी
बागली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में गौरवशाली पलों को याद कर रहा है। हाट पिपलिया के तीसरी पीढ़ी के स्वयंसेवक संजय प्रेम जोशी के अनुसार यहां पहला पथ संचलन वर्ष 1948 में निकाला गया था। इसमें मुस्लिम समाज के युवक तालिब हुसैन ने स्वयं भगवा ध्वज उठाया था। उस दौर में संघ से जुड़ना बड़ी चुनौती थी क्योंकि कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार निगाह रखते थे, बावजूद इसके बस्तीराम तंवर, प्रेमकुमार जोशी, दयाराम कसेरा, राजमल मेहता सहित कई स्वयंसेवकों ने हिम्मत दिखाई और पथ संचलन निकाला।
इन्हीं कार्यकर्ताओं ने दिवंगत भाजपा नेता कैलाश जोशी को राजनीति में जाने की अनुमति दी, जिसके बाद वे हाट पिपलिया नगर परिषद के प्रथम अध्यक्ष बने और आगे चलकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचे।संघ की जड़ें यहां स्वतंत्रता से पहले ही मजबूत हो चुकी थीं। वर्ष 1944 में मानकलाल बडोला, बाबूलाल गुप्ता, मोहनलाल सिसोदिया, त्रिलोकचंद बड़ौला सहित कई कार्यकर्ताओं ने शाखा शुरू की। स्वतंत्रता के बाद 1951 में बागली में 200 से अधिक स्वयंसेवकों का शिविर भी आयोजित हुआ, जिसमें राज परिवार ने सहयोग किया।
समय के साथ बाल और किशोर शाखाओं ने संघ के विस्तार को गति दी। आपातकाल में स्वयंसेवकों पर कड़ी निगरानी रही, लेकिन संघ का कार्य अविराम जारी रहा। देवास जिले से कैलाश जोशी, तेज सिंह सेंधव, सुरेंद्र वर्मा, दीपक जोशी जैसे कई नेता विधायक बने और आज भी जिले के सभी विधायक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं
