
नीम करोली बाबा की कहानी पर आधारित इस फिल्म की शूटिंग के दौरान हर दिन की शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ से होती थी।
विशाल चतुर्वेदी के अनुसार, जब भी संभव होता, दिन का समापन भी हनुमान चालीसा के साथ किया जाता था।
उन्होंने बताया कि कई बार सुबह सात बजे की शिफ्ट होने के बावजूद विभिन्न कारणों से कैमरा देर से रोल हो पाता था। ऐसे समय में पूरी टीम हनुमान चालीसा का पाठ करती थी। निर्देशक का मानना है कि प्रार्थना ने शूटिंग के दौरान आने वाली परेशानियों से निपटने में टीम का मनोबल बढ़ाया।
विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि यह परंपरा नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से प्रेरित थी। महाराज जी भक्ति, सेवा, जरूरतमंदों को भोजन कराने और राम नाम के प्रचार पर जोर देते थे। इसी सोच को फिल्म के प्रचार अभियान में भी शामिल किया गया।
उन्होंने बताया कि फिल्म के प्रचार के दौरान टीम ने आठ बड़े मंगल भंडारों का आयोजन कर लोगों को भोजन कराया। उनका उद्देश्य केवल फिल्म का प्रचार करना नहीं, बल्कि महाराज जी के सेवा संदेश को वास्तविक जीवन में उतारना था।
कम बजट और धीमी शुरुआत के बावजूद ‘हनुमान अंश’ को 2026 की चर्चित स्लीपर हिट फिल्मों में शामिल किया जा रहा है।
