ढाका, 03 जून (वार्ता) बंगलादेश में खसरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इस जानलेवा बीमारी से सात और बच्चों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 601 हो गई।
इस वर्ष अब तक कम से कम 90 बच्चों की मौत खसरे के पुष्ट संक्रमण के कारण हुई है जबकि 511 अन्य बच्चों की मौत इस बीमारी के लक्षणों से मिलते-जुलते कारणों से हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दर्ज मामलों की संख्या वास्तविक आंकड़े से काफी कम हो सकती है, क्योंकि खासकर आंतरिक और दूरस्थ क्षेत्रों में बड़ी संख्या में इस मामले की रिपोर्ट ही नहीं होती है।
संक्रमण के मामलों में सबसे अधिक वृद्धि ढाका डिवीजन में देखी जा रही है, जो 33,470 से अधिक संदिग्ध मामलों के साथ बीमारी का केंद्र (एपिसेंटर) बन गया है। वहीं, राजशाही, चट्टोग्राम और खुलना डिवीजनों में भी मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ रही है, जिससे वहां की स्थानीय स्वास्थ्य अवसंरचना पर भारी दबाव पड़ रहा है और वह लगभग चरमरा गई है।
इसी अवधि के दौरान पूरे देश के अस्पतालों में खसरे जैसे लक्षणों वाले 1,210 मरीज़ों को भर्ती किया गया।
डीजीएचएस ने अपने नवीनतम हेल्थ बुलेटिन में कहा कि जांच में 55 मामलों में खसरे की पुष्टि हुई है। बिज़नेस स्टैंडर्ड बंगलादेश की रिपोर्ट के अनुसार, 15 मार्च से तीन जून के बीच प्रयोगशाला में जांच किए गए मामलों की कुल संख्या बढ़कर 9,191 हो गई है।
स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, इस बीमारी के प्रकोप से देशभर में खसरे के कुल 74,572 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 55,942 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी है।
सरकार ने हालांकि इस प्रकोप से निपटने के लिए एक आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू किया है लेकिन वह इसके तेज़ी से फैलने को रोकने में नाकाम रहा है। इसका मुख्य कारण बंगलादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने स्वास्थ्य सेवा की पूरी तरह से उपेक्षा की, जिसके कारण लंबे समय से वैक्सीन का गंभीर संकट बना हुआ है। जिससे लाखों बच्चे इस बीमारी से असुरक्षित हैं।
