दतिया:जिले के सेवढ़ा इलाके में बारिश और ओले गिरने के बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। एसडीएम अशोक अवस्थी ने नुकसान का आकलन कराने के लिए सर्वे के निर्देश दिए।
राजस्व पुस्तक परिपत्र 6.4 के तहत टीम गठित की गई है। इसमें राजस्व निरीक्षक को प्रभारी बनाया गया है, जबकि पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत सचिव सदस्य हैं। प्रशासन ने तीन दिन के भीतर सर्वे पूरा कर रिपोर्ट देने को कहा है, ताकि मुआवजा प्रक्रिया में देरी न हो।
इन गांवों में सबसे ज्यादा असर
बिलासपुर, अंडोरा और गोहना गांव सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। यहां चने के आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों में खड़ी फसल को सीधा नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं की वजह से गेहूं की फसल बिछी तेज हवाओं के कारण गेहूं और चना की फसलें जमीन पर गिर गईं, जबकि सरसों की फसल भी प्रभावित हुई है। फसल कटाई के करीब थी, इसलिए नुकसान ज्यादा होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि फसल तैयार थी और कटाई शुरू होने वाली थी। ऐसे में ओलावृष्टि से उत्पादन कम होने और आर्थिक नुकसान का डर बढ़ गया है।प्रशासन ने सर्वे टीम को फसल के साथ मकानों, पशुओं और अन्य नुकसान का भी ओलावृष्टि से उत्पादन कम होने और आर्थिक नुकसान का डर बढ़ गया है।प्रशासन ने सर्वे टीम को फसल के साथ मकानों, पशुओं और अन्य नुकसान का भी बारीकी से आकलन करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम अशोक अवस्थी ने कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को जल्द सहायता दी जाएगी।
