इंदौर: महापौर ने शहर के विकास कार्यों की झोनवार समीक्षा में बुधवार को जोन 11 पर बैठक ली. बैठक में अधिकारियों को नागरिक के साथ संवेदनशीलता, आत्मीयता और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि जनसेवा ही नगर निगम की सबसे बड़ी पहचान है. झोन हमारे काम की आत्मा है.महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आज नगर निगम के झोन -11 पर विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक ली. बैठक में वार्ड समिति के एजेंडा पर पार्षदों से विकास कार्यों की जानकारी ली. पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों के तहत विभिन्न निर्माण एवं नागरिक समस्याओं से संबंधित विषयों पर सुझाव रखे.
साथ ही झोन स्तर सड़क, बेक लाइन निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सहित विकास कार्यों की प्रगति और वर्तमान स्थिति पर चर्चा की. महापौर ने कहा कि नगर निगम जनता को घर बैठे मोबाइल और डिजिटल सेवाओं का लाभ देने को लेकर प्राथमिकता पर काम कर रहा है. निगम द्वारा डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए निगम मुख्यालय अथवा झोन कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. बैठक में झोन अध्यक्ष एवं पार्षद महेश बसवाल, विजयलक्ष्मी गौहर, पंखुड़ी जैन डोसी, महापौर प्रतिनिधि भावेश दवे, झोनल अधिकारी गीतेश तिवारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे.
निगम सेवाओं का प्रभावी माध्यम
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बैठक में बताया कि नगर निगम की कार्यप्रणाली में झोन कार्यालयों की भूमिका अहम है. झोन निगम सेवाओं का सबसे प्रभावी माध्यम हैं. इसके तहत नागरिकों को त्वरित एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. नागरिकों के साथ झोन कार्यालय पर सम्मानजनक व्यवहार, सकारात्मक वातावरण तथा समाधान करने वाला व्यवहार मिलना चाहिए.
