
ग्वालियर। शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, ग्वालियर में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी न देने और अस्पष्ट जवाब देने के मामले में अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा (ग्वालियर-चंबल संभाग) के समक्ष प्रथम अपील की सुनवाई की गई। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अधिवक्ता नीरज कुमार भार्गव ने शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, ग्वालियर से आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत 17 जुलाई 2026 को आवेदन देकर विभिन्न वित्तीय एवं शैक्षणिक विषयों की विस्तृत जानकारी मांगी थी।
यह जानकारियां मांगी गई थी
स्व-वित्तीय पाठ्यक्रम, उनकी मान्यता और संबद्धता संबंधी दस्तावेज। वित्तीय वर्ष 2020 से 2026 तक संचालित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति एवं शैक्षणिक योग्यताओं का विवरण।
प्रवेश फार्म, दैनिक उपस्थिति रजिस्टर तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों की वेतन सूची की प्रतियां। वर्ष 2020 से 2026 तक की बैलेंस शीट, आय-व्यय का विवरण और जमा राशि। कंप्यूटर, रसायन, भौतिकी और बायोटेक विभागों के छात्रों की उपस्थिति रजिस्टर की सत्य प्रतिलिपि।
जवाब से असंतुष्ट होकर की गई प्रथम अपील
अधिवक्ता नीरज कुमार भार्गव का आरोप था कि जन सूचना अधिकारी/प्राचार्य द्वारा मांगी गई जानकारी हिंदी विभागाध्यक्ष के माध्यम से दिलवाई गई, जिसमें बिना उचित आधार के अधिकांश बिंदुओं पर “तृतीय पक्ष होने के कारण दिया जाना संभव नहीं” और “लोकहित में न होने के कारण दिया जाना संभव नहीं” लिखकर जानकारी देने से इंकार कर दिया गया। इसे आरटीआई कानून के नियमों का उल्लंघन मानते हुए आवेदक ने धारा 19(1) के तहत अतिरिक्त संचालक (उच्च शिक्षा), ग्वालियर-चंबल संभाग के समक्ष प्रथम अपील दायर की थी।
प्रथम अपीलीय अधिकारी का फैसला
मामले में संज्ञान लेते हुए कार्यालय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा (ग्वालियर-चंबल संभाग) द्वारा 17 सितंबर को सुनवाई नियत की गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने और प्रकरण का अवलोकन करने के बाद अपीलीय अधिकारी (अतिरिक्त संचालक) ने अपना निर्णय जारी किया। आदेश के अनुसार: लोक सूचना अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि आवेदक द्वारा चाही गई जानकारी, जो महाविद्यालय में उपलब्ध है, उसे 15 कार्य दिवसों के भीतर आवेदक को निःशुल्क उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही इस आदेश के पालन का प्रतिवेदन अतिरिक्त संचालक कार्यालय को भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कॉलेज प्रबंधन का कहना है…
इस सम्बन्ध में महाविद्यालय का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया तो संबंधित अधिकारी ने बताया कि प्रथम अपील के उपरांत अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, ग्वालियर-चंबल संभाग, से पत्र प्राप्त हो गया है निश्चित समय अवधि में जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।
