नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) किराये में बढ़ोतरी और उड़ानों की संख्या में कटौती से घरेलू एयरलाइंस के हवाई यात्रियों की संख्या में अगस्त में सालाना आधार पर लगातार तीसरे महीने गिरावट देखी गई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गत अगस्त में एक करोड़ 21 लाख 26 हजार लोगों ने घरेलू एयरलाइंस की उड़ानों में सफर किया। पिछले साल अगस्त की तुलना में यह आंकड़ा 6.34 प्रतिशत कम है। वहीं, माह-दर-माह आधार पर हल्का सुधार देखा गया है। जुलाई में हवाई यात्रियों की संख्या 1.20 करोड़ रही थी जो 44 महीने का निचला स्तर था। लगातार तीन महीने की गिरावट का असर पूरे कैलेंडर वर्ष के आंकड़ों पर भी दिखना शुरू हो गया है। इस साल जनवरी से अगस्त तक घरेलू एयरलाइंस की उड़ानों में 11.05 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.18 प्रतिशत कम है।
इस साल 28 फरवरी को शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ने और कुछ देशों में हवाई मार्गों पर प्रतिबंधों के कारण विमानन क्षेत्र पर खासा दबाव देखा जा रहा है। विमान सेवा कंपनियों ने विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि की भरपाई के लिए किराया बढ़ा दिया है। साथ ही, कुछ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद भी कर दी हैं। इससे भी यात्रियों की संख्या पर असर देखा जा रहा है।
यात्रियों की संख्या के लिहाज से अगस्त में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी कम हुई है जबकि एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी बढ़ी है। इंडिगो जुलाई से 67.4 प्रतिशत से घटकर 65 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं, एयर इंडिया अपनी हिस्सेदारी 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 26.7 प्रतिशत करने में सफल रही है। एयर इंडिया समूह में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं।
अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रही। स्पाइसजेट लगातार घटती हुई अब 1.2 प्रतिशत पर रह गई है। अन्य ऑपरेटरों की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम रही। भरी सीटों के अनुपात (पीएलएफ) के मामले में अकासा एयर लगातार नंबर एक पर बनी हुई है। अकासा का पीएलएफ 87.6 प्रतिशत रहा। स्पाइसजेट 79.9 प्रतिशत के साथ दूसरे और इंडिगो 79.2 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही। एयर इंडिया समूह का पीएलएफ 77 प्रतिशत और फ्लाई91 का 75 प्रतिशत दर्ज किया गया।

