
जबलपुर। अधारताल थाना अंतर्गत खेरमाई मंदिर के पास छठवीं बटालियन में पदस्थ एक सिपाही ने शराब के नशे में धुत होकर एक दिव्यांग ऑटो चालक की बेरहमी से पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी जवान ने पीड़ित के कृत्रिम पैर का सरेराह मजाक उड़ाया। थाना पुलिस द्वारा मामले में ढुलमुल रवैया अपनाए जाने के बाद, अब पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
पीड़ित संजू विश्वकर्मा निवासी सुभाष नगर भरपुरा, वार्ड 42 निवासी एक पैर से दिव्यांग हैं और कृत्रिम अंग के सहारे ऑटो चलाकर अपना जीवनयापन करता हैं। बीते 14 सितंबर 2026 की रात वे काम से लौटकर खेरमाई मंदिर के पास अपने दोस्तों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान मोहल्ले में ही रहने वाला एसएएफ जवान रंजीत पटेल अत्यधिक शराब के नशे में वहाँ पहुँचा और अकारण ही गालियां देने लगा। जब पीड़ित संजू ने विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी सिपाही रंजीत पटेल आगबबूला हो गया। उसने वर्दी का रौब दिखाते हुए कहा तू मेरी रिपोर्ट करेगा? मैं छठवीं बटालियन का सिपाही हूँ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। धमकी देने के तुरंत बाद आरोपी जवान ने दिव्यांग संजू पर हमला कर दिया। उसने पीड़ित को लात मारकर जमीन पर पटक दिया। असहाय पीड़ित जब किसी तरह खड़ा हुआ, तो आरोपी ने दोबारा इतनी जोर से लात मारी कि वह पास खड़ी एक कार से जा टकराया। वह पीड़ित को घसीटते हुए खेरमाई कुएं के पास ले गया और उसके पेट पर ताबड़तोड़ मुक्के बरसाए। पीड़ित का आरोप है कि घटना के तुरंत अधारताल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने आरोपी रंजीत पटेल को बचाने का प्रयास किया और मामले में बेहद मामूली और गैर-जमानती धाराओं के बजाय कमजोर धाराओं में खानापूर्ति कर दी।
सीसीटीवी की लाइव फुटेज हैं-
पीड़ित ने कहा है कि यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में लाइव रिकॉर्ड हुई है। यह वीडियो फुटेज पीड़ित ने पुलिस को भी सौंपा है और वर्तमान में उनके मोबाइल में भी सुरक्षित है। पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, फुटेज को सुरक्षित करने, धाराएं बढ़ाने, विभागीय जांच और सुरक्षा की मांग की है।
