
सुबह-रात में कोहरे की धुंध, चली बर्फीली हवाएं
जबलपुर। सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मौसम की रंगत बदल गई। सुबह और रात कोहरे की चपेट में हैं, शीतलहर भी चल रही है। रविवार की सुबह भी कोहरे की चादर के साथ हुई। सूर्यदेव ने दर्शन नहीं दिए। दिनभर बादल मंडराए रहे। रिमझिम फुहारें भी बरसी। पहाड़ी इलाकों से आनी वाली बर्फीली हवाओं लोगों को ठिठुरती रहीं।
मौसम विभाग की माने तो पश्चिमी विक्षोभ, पंजाब एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी से 9.4 किमी की ऊंचाई के बीच चक्रवातीय परिसंचरण के रूप मे अवस्थित है। उत्तर मध्य राजस्थान एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के ऊपर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊँचाई पर चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। उत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर 260 किमी प्रति घंटा की गति से उपोष्ण जेट स्ट्रीम हवाएँ बह रही है। 14 जनवरी की रात्रि से अगले पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमोत्तर भारत को प्रभावित करने की सम्भावना है। जिसको लेकर मौसम विभाग ने जबलपुर समेत आसपास के जिलों मेें गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना भी जाहिर करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
सुबह से लादे गर्म कपड़े, अलाव जले
मौसम के बदले मिजाज से लोग ठंड से बचने के लिए सुबह से गर्म कपड़े लादे रहे। जगह-जगह अलाव भी जले। देर रात तक ठंडी हवाएं लोगोंं को ठिठुराती रही।
ऐसा रहा पारा-
रविवार को अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 4 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। सुबह के वक्त आद्रता 68 और शाम को 86 प्रतिशत दर्ज हुआ। उत्तर-पूर्वी हवाएं 2 से 3 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।
