अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग को अवरुद्ध करने की धमकी; खाड़ी क्षेत्र में बढ़ेगा तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका।
तेहरान/वाशिंगटन, 23 जून (नवभारत): ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने अमेरिकी वायुसेना द्वारा अपने परमाणु ठिकानों पर हालिया हमलों के बाद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अवरुद्ध करने की धमकी दी है। इस धमकी ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में तत्काल खलबली मचा दी है, क्योंकि यह जलडमरूमध्य खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले अधिकांश तेल और गैस का प्रवेश द्वार है।
यह जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है। प्रतिदिन लगभग 21 मिलियन बैरल तेल (वैश्विक मांग का लगभग एक-तिहाई) इस मार्ग से होकर गुजरता है। यदि ईरान इस जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक अवरुद्ध कर देता है, तो इसका सीधा और विनाशकारी प्रभाव कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति पर पड़ेगा, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ेंगी और विश्व अर्थव्यवस्था पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ईरान का यह कदम अमेरिकी हमलों के बाद अपनी जवाबी कार्रवाई की क्षमता और इरादे को प्रदर्शित करने का एक प्रयास है। ईरान का दावा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए हैं, लेकिन अमेरिका और इजरायल को संदेह है कि वह परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है।
वैश्विक तेल बाजारों पर सीधा असर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित
होर्मुज जलडमरूमध्य को रोकने की ईरान की धमकी पहले भी कई बार आ चुकी है, लेकिन मौजूदा सैन्य टकराव के माहौल में इसे अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है। इस धमकी से न केवल तेल बाजारों में अस्थिरता आएगी, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव भी चरम पर पहुंच जाएगा। अमेरिका और उसके सहयोगी, जिनकी नौसेना की उपस्थिति इस क्षेत्र में मजबूत है, इस तरह के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध करेंगे, जिससे सीधे सैन्य टकराव की संभावना बढ़ जाएगी।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने ईरान और इजरायल दोनों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों को “खतरनाक मोड़” बताया है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा है, और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की धमकी ने इस संकट को एक नया आयाम दिया है।

