जबलपुर: शहर कांग्रेस कमेटी की साख पर बट्टा लगाने का काम इन दिनों दूसरा नहीं बल्कि पार्टी के लिए एक सब कुछ न्यौछावर करने वाले कांग्रेस के नेता ही कर रहे हैं। वजह आपसी प्रतिद्वंवता..जिसका विरोधी पार्टी भाजपा के दिग्गजों द्वारा दबी जुबान से मजाक बनाया जाने लगा है। राजनीतिक गलियारों में भाजपा के दिग्गज नेताओं के खेमे में चर्चा है कि पार्टी में अनुशासन को तोड़ना अगर किसी को सीखना है तो वो कांग्रेस से सीखे।
क्योंकि कांग्रेस के वर्तमान पार्षद और पूर्व पार्षद के बीच जिस तरीके से संवाद और आरोप लगाए जा रहे हैं उससे ये तो साफ हो चुका है कि पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड दो पार्षदों व कांग्रेसी नेताओं के बीच लड़ाई का अखाड़ा बन चुका है। विदित हो कि पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड के वर्तमान पार्षद शफीक हीरा ने पहले कांग्रेस के पूर्व पार्षद ताहिर अली पर आरोप लगाकर एसपी तक शिकायत कर दी तो फिर वहीं दूसरी तरफ ताहिर अली अपनी जान का खतरा बताते हुए पार्षद शफीक हीरा के खिलाफ कार्रवाई करने कलेक्टर के दरबार पहुंच गए।
दोनों खोल रहे एक-दूसरे काला चिट्ठा
दोनों के बीच चल रही लड़ाई के दौरान कांग्रेस के ही दोनों ने नेताओं द्वारा एक दूसरे का काला चिट्ठा खोलकर जनता के सामने रखा जा रहा है जिस मुद्दे पर अभी संगठन स्तर मौन साधे हुए है। इस मामले में न तो अभी कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने कोई प्रतिक्रिया जाहिर की है और न ही कांग्रेस के वरिष्ठ प्रतिनिधि मंडल ने। बहरहाल देखना होगा कि इन दोनों कांग्रेसी नेताओं का विवाद कहां जाकर खत्म होता है। लेकिन इन सभी के बीच राजनीतिक गलियारों में कांग्रेसियों के अनुशासन में कमी का संदेश स्पष्ट रूप से जा रहा है।
