विजय ने कक्षा 6-8 के स्कूली छात्रों के लिए मुफ़्त नाश्ता योजना का किया विस्तार शुरू

चेन्नई, 22 सितंबर (वार्ता) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मंगलवार सुबह शहर में एक कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘पेरुंथलैवर कामराजर मुफ़्त नाश्ता योजना’ (जिसका नाम बदला गया है) के विस्तार की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में ‘मुख्यमंत्री नाश्ता योजना’ का नाम बदलकर कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के नाम पर रखा है, जिन्होंने छात्रों के लिए दोपहर के भोजन की योजना शुरू करने में अहम भूमिका निभाई थी।

श्री विजय ने चेन्नई के तिरुवनमियूर इलाके के गांधी ग्रामम स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में इस योजना की शुरुआत की। यह योजना पहले कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए थी और अब इसे कक्षा 6-8 के छात्रों तक बढ़ा दिया गया है। विजय ने खुद छात्रों को नाश्ता परोसा, उनसे बातचीत की और उनके साथ बैठकर सुबह का नाश्ता भी किया।

यह योजना पूरे राज्य में एक साथ शुरू की गई, सिवाय चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों के, जहाँ मदुरंतकम और धारापुरम सीटों के लिए 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू है।

इस बढ़ाई गई योजना से तमिलनाडु के 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने वाले 15.30 लाख और छात्रों को फ़ायदा होगा। राज्य सरकार ने इस विस्तार के लिए चालू वित्त वर्ष में 217.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की है, जिससे नाश्ता योजना के लिए कुल आवंटन 724 करोड़ रुपये हो गया है।

इस योजना का मकसद यह पक्का करना है कि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में जाने वाले बच्चे सुबह के समय भूखे न रहें और अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे सकें। चेन्नई में, इस बढ़े हुए कार्यक्रम में 447 स्कूल शामिल होंगे। अन्य शहरी इलाकों के स्कूलों में एकीकृत किचन के ज़रिए उचित इंतज़ाम किए गए थे। ग्रामीण इलाकों में, स्वयं-सहायता समूहों की मदद से स्कूलों में खाना तैयार किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि छात्रों को इस बढ़े हुए कार्यक्रम के तहत पौष्टिक और अच्छी गुणवत्ता वाला खाना मिले। उन्होंने कहा कि ‘मेनू’ को अंतिम रूप देने और छात्रों के लिए सही खाने की चीज़ों का सुझाव देने के लिए एक विशेष समिति बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक समिति अपनी सिफ़ारिशें पूरी नहीं कर लेती, तब तक अच्छी गुणवत्ता वाला खाना दिया जाता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि रसोई और खाना परोसने वाली जगहों पर साफ़-सफ़ाई बनी रहे और छात्रों को परोसा जाने वाला खाना गर्म, स्वादिष्ट और पौष्टिक हो। सरकार का कहना है कि इस विस्तार का मकसद स्कूली बच्चों के लिए पोषण संबंधी मदद को मज़बूत करना,नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना, स्कूल छोड़ने की समस्या को रोकना और शिक्षा में बेहतर भागीदारी सुनिश्चित करना है।

 

 

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