नई दिल्ली। रूस से भारत के रिश्ते सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे रक्षा, ऊर्जा और वैश्विक रणनीति से जुड़े कई अहम कारण हैं।
भारतीय सेना के कई टैंक, मिसाइल सिस्टम और फाइटर जेट लंबे समय से रूसी तकनीक और सहयोग से जुड़े रहे हैं। वहीं, यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदना भारत के लिए आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा है।
अब BRICS शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने की चर्चा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की संभावित मुलाकात पर भी नजरें टिकी हैं। रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे मुद्दे इस बैठक के केंद्र में रह सकते हैं।
