नयी दिल्ली, 28 जुलाई (वार्ता) खनन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन से देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) मंगलवार को सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत बढ़ गया। पिछले साल जून में आईआईपी 2.2 प्रतिशत और इस साल मई में 5.0 प्रतिशत रहा था। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत, बिजली एवं गैस आपूर्ति की 10.6 फीसदी और जलापूर्ति, सीवरेज तथा अपशिष्ट प्रबंधन की 6.1 प्रतिशत रही। वहीं, खनन क्षेत्र में एक फीसदी की वृद्धि देखी गयी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अप्रैल-जून के दौरान आईआईपी 5.8 प्रतिशत ऊपर दर्ज किया गया।
इस दौरान, विनिर्माण 6.3 प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति में 8.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
जलापूर्ति, सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन का सूचकांक छह फीसदी बढ़ा जबकि खनन क्षेत्र में 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। एनएसओ ने बताया कि जून में विनिर्माण क्षेत्र के 23 में से 19 उपवर्गों के सूचकांक बढ़े हैं। शीर्ष तीन प्रदर्शन करने वालों में बिजली के उपकरण (34 प्रतिशत वृद्धि), मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी ट्रेलर (17.5 प्रतिशत) तथा खाद्य पदार्थों के विनिर्माण (10.8 प्रतिशत) का स्थान रहा। उद्योग समूह की वृद्धि में वाहन उद्योग और वाहनों के कलपुर्जा उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

