तेंदुआ खाल तस्करी कांड : जांच में मिले अहम सुराग 

सीधी। तेंदुआ खाल तस्करी कांड की जांच में अहम सुराग मिले हैं। मामले में गिरफ्तार 3 आरोपियों से रिमांड में पूंछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर बलिया और नागपुर तक नेटवर्क खंगाला जायेगा। तेंदुए के खाल की तस्करी और शिकार के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपितों से रिमांड के दौरान स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं वन विभाग की टीम द्वारा अलग-अलग पूंछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में जांच टीम के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। अब टीम शिकार से लेकर खाल की खरीद-फरोख्त और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में फिलहाल टीम का अगला लक्ष्य बलिया निवासी सुंदरम और नागपुर निवासी अंजलि नागपाल तक पहुंचना बताया जा रहा है। पूंछताछ में सामने आए नामों और जानकारियों के आधार पर जांच टीम इन दोनों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है। हालांकि मामले में उनकी भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

बता दें कि 5 सितंबर 2026 को राजस्व आसूचना निदेशालय इकाई भोपाल द्वारा सीधी शहर में कार्रवाई करते हुए थार वाहन में तेंदुए की खाल के साथ दो व्यक्तियों को पकड़ा गया था। पूंछताछ के दौरान आरोपितों ने खाल से जुड़े शिकार के संबंध में ग्राम धनुहीनार, पोस्ट बीरादेही, तहसील हनुमना, जिला मऊगंज का उल्लेख किया। इसके बाद हनुमना परिक्षेत्र की वन विभाग की टीम ने संबंधित क्षेत्र में दबिश देकर तीसरे आरोपित लल्ला बैगा को गिरफ्तार किया। उसके पास से कथित शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार, खूंटी, तार और चाकू बरामद किए जाने की जानकारी है। मामले में गिरफ्तार अनमोल सिंह चंदेल निवासी बीरादेही, अभिषेक उर्फ प्रिंस सिंह चंदेल निवासी दुधमनिया और लल्ला बैगा निवासी जड़कुड़ को 6 सितंबर 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से तीनों को दो दिन की हिरासत में लिया गया है। रिमांड के दौरान जांच एजेंसियां आरोपियों से तस्करी के नेटवर्क, शिकार के स्थान, खाल की खरीद-फरोख्त और संभावित खरीदारों के संबंध में पूंछताछ कर रही हैं।

आगरा में पकड़ी गई शिकारी टोली से जुड़ रहे तार-

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे के अनुसार इस मामले के तार 23 जुलाई को आगरा में पकड़ी गई शिकारी टोली से भी जुड़े हो सकते हैं। उक्त टोली द्वारा शिवपुरी-श्योपुर क्षेत्र में शिकार किए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है। अब जांच का दायरा तमिलनाडु तक पहुंचने की जानकारी भी सामने आ रही है। मामले में सामने आ रहे नए तथ्यों के बाद वन विभाग और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इनका कहना है-

मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि तेंदुए का शिकार कहां किया गया, खाल सीधी तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

 

राजेश कन्ना टी, डीएफओ संजय टाइगर रिजर्व सीधी

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