जबलपुर:सरकार के पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप मोड के तहत जिला अस्पताल विक्टोरिया की निर्माणाधीन नई बिल्डिंग में लगने वाली एमआरआई मशीन बिजली आपूर्ति के पेंच में फंस गई है। ये मशीन जबलपुर कब आएगी, कब इसका इस्तेमाल शुरू होगा और मरीजों को कब सरकार की सुविधा का लाभ मिलेगा, इन सारे सवालों के जवाब फिलहाल अभी स्पष्ट होते नहीं दिख रहे हैं। बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मामले में स्पष्ट कह रहे हैं कि बिजली के लोड सेंक्शन के लिए अभी तक किसी ने भी ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है तो वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल विक्टोरिया के जिम्मेदार अधिकारी ने पूरी जिम्मेदारी कृष्णा डॉयनोस्टिक्स लिमिटेड के कंधों पर डाल दी है।
नतीजा अभी भी विक्टोरिया अस्पताल में एमआरआई मशीन नहीं पहुंच सकी है। जबकि तय समय सीमा के अनुसार नवंबर माह तक इस मशीन को अस्पताल में शुरू हो जाना था। ऐसे में ये प्रतीत हो रहा है मानो सभी जिम्मेदार खुद ही नहीं चाह रहे कि ये सुविधा जल्द जिला अस्पताल में शुरू हो। जानकारों का कहना है कि विक्टोरिया में मशीन लगने से यहां आने वाले मरीजों को एमआरआई के लिए मेडिकल या निजी सेंटर नहीं जाना पड़ेगा।
पहले बिजली व्यवस्था होना जरूरी
जानकारी के अनुसार पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप मोड के तहत भोपाल से सरकार द्वारा निर्देश जारी हुए हैं कि प्रदेश के हर जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन लगाई जाए। इस निर्देश के तहत कृष्णा डॉयनोस्टिक्स लिमिटेड विक्टोरिया अस्पताल में एमआरआई मशीन लगा रही है। एमआरआई मशीन तक तब विक्टोरिया अस्पताल में नहीं आ सकती जब तक यहां बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो जाती। बिजली की व्यवस्था होने के बाद पहले जिला अस्पताल विक्टोरिया में एमआरआई मशीन की मैगनेट आएगी और फिर उसके करीब 8 दिन बाद पूरी मशीन आएगी। सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी ने स्पष्ट किया कि कृष्णा डॉयनोस्टिक्स लिमिटेड को पहले बिजली की पर्याप्त व्यवस्था मिल जाती तो ये मशीन नवंबर माह में इंस्टाल होकर शुरू हो जाती।
15 से 20 दिन और लगेंगे
सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने नवभारत को बताया कि 15 से 20 दिन अभी मशीन आने में और लगेंगे ,इसके बाद बिजली विभाग को एक सब स्टेशन भी बनाना पड़ेगा जिसके बाद व्यवस्थित तरीके से बिजली आपूर्ति पूरी की जाएगी और मशीन का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा।
इनका कहना है
–विक्टोरिया अस्पताल की निर्माणाधीन बिल्डिंग में एमआरआई मशीन लगाने के लिए कृष्णा डॉयनोस्टिक्स लिमिटेड से अनुबंध किया गया है। कंपनी को नवंबर माह तक अस्पताल में एमआरआई मशीन पर्याप्त बिजली आपूर्ति के साथ शुरू कर देनी थी लेकिन अभी बिजली के लोड की समस्या सामने आ रही है। कंपनी के जिम्मेदारों से बात करके आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
–डॉ. नवीन कोठारी, सिविल सर्जन, जबलपुर
–जिला अस्पताल विक्टोरिया में एमआरआई मशीन लगने में बिजली सप्लाई के लोड की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है जो कि अभी तक किसी ने भी नहीं किया है। ऑनलाइन आवेदन के बाद 16 हजार 800 रुपए की फीस कटती है फिर बिजली सप्लाई के लोड की प्रेासेस शुरू कर दी जाती है।
संजय अरोरा, एसई सिटी सर्किल एमपीबीईबी।
