
जबलपुर। भोपाल के कलियासोत, बडा तालाब तथा दस नम्बर क्षेत्र में अतिक्रमण व अवैध निर्माण के संबंध में भोपाल नगर निगम के द्वारा नोटिस व आदेश जारी किये जाने के खिलाफ सौ से अधिक याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने शो-कॉज नोटिस जारी किये जाने से संबंधित याचिकाओं का निराकरण करते हुए अपने आदेश में कहा है कि नगर निगम याचिकाकर्ता के जवाब का विधि तरीके से अध्ययन कर कारण सहित विस्तृत आदेश पारित करे। नगर निगम के द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर एकलपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। एकलपीठ ने शेष बची याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई निर्धारित की है।
गौरतलब है कि नगर निगम भोपाल के द्वारा अतिक्रमण तथा अवैध निर्माण व व्यावसायिक गतिविधि संचालित किये जाने के संबंध में जारी किये गये नोटिस व पारित आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में 106 याचिकाएं दायर की गयी थी। एकलपीठ सभी याचिकाओं की सुनवाई संयुक्त रूप से कर रही है। एकलपीठ के द्वारा सोमवार को 42 याचिकाओं की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान दस नम्बर, कलियासोत व बडा तालाब के पचास मीटर के एरिया में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के संबंध में नगर निगम के द्वारा जारी आदेश तथा शो-कॉज नोटिस को चुनौती दी गयी थी। याचिका में कहा गया था कि शो-कॉज नोटिस में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि किन नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसके अलावा रिटेल कारोबार करने के संबंध में नियमों का हवाला दिया गया था। इसके अलावा लीज के फ्री होल्ड होने, कम्पाउंडिंग तथा मास्टर प्लान 2025 के अनुसार निर्माण किये जाने का तर्क दिया गया था।
एकलपीठ ने मंगलवार को 50 से अधिक याचिकाओं की सुनवाई करते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किये जाने संबंधित याचिकाओं का उक्त आदेश के साथ निराकरण किया। नगर निगम के द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किये हैं।
