नयी दिल्ली, 21 जुलाई (वार्ता) दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने बताया है कि कैसे भारतीय क्रिकेट टीम के लीजेंड विराट कोहली ने उनके बैडमिंटन करियर के सबसे मुश्किल दौर में उनकी मदद की।
सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट में, पीवी सिंधु ने बताया कि कैसे भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के साथ बातचीत ने उन्हें लंबे समय से गिरते फ़ॉर्म और चोटों से उबरने में मदद की।
पीवी सिंधु ने लिखा, “एक चीज़ जिसके लिए मैं हमेशा शुक्रगुज़ार रहूँगी, वह है विराट भाई। मैंने अपने करियर के सबसे बुरे दौर में उनसे संपर्क किया था। चोटें बढ़ रही थीं, रिज़ल्ट नहीं आ रहे थे, और मुझे बस कोई ऐसा चाहिए था जो समझे। उसने कुछ ही मिनटों में जवाब दिया, और हम अगले ही दिन मिले। हमने जो बात की, वह हमेशा हमारे बीच ही रहेगी। लेकिन मैं हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी कि जब मुझे किसी की ज़रूरत थी, तो वह वहां था।”
सिंधु ने कहा, “उन्होंने ज़्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन हर शब्द दत्ता (वेंकट साई, पति) और मेरे साथ रहा। कुछ बातचीत चीज़ों को देखने का नज़रिया बदल देती हैं। यह उनमें से एक था।”
हालांकि उन्होंने अपनी बातचीत की बातें प्राइवेट रखने का फैसला किया, लेकिन भारतीय बैडमिंटन स्टार ने कोहली के गाइडेंस को अपना नज़रिया वापस पाने और खेल खेलने की खुशी को फिर से खोजने में मदद करने का क्रेडिट दिया है।
पीवी सिंधु ने पिछले हफ्ते जापान ओपन में विमेंस सिंगल्स का टाइटल जीतकर ज़बरदस्त अंदाज़ में फॉर्म में वापसी की और टूर्नामेंट के 43 साल के इतिहास में जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। यह उनका पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 टाइटल भी था।
जापान में जीत ने दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद टाइटल के लिए 19 महीने का इंतज़ार खत्म कर दिया। यह 2022 सिंगापुर ओपन के बाद भारत के बाहर उनका पहला टाइटल भी था।
31 साल की भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अभी चांगझाऊ में हैं, जहाँ वह चाइना ओपन बीडब्ल्यूएफ सुपर 1000 टूर्नामेंट में अपनी नई लय को बनाए रखने की कोशिश करेंगी।
