
रीवा, लोकतंत्र में आवाज उठाना और सरकार से सवाल करना नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। युवक कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर चर्चा करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा वाटर कैनन और गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। यह बात पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष इंजी. राजेंद्र शर्मा ने कही।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नौजवान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विचारधारा के सिपाही हैं। सांसद जनार्दन मिश्रा द्वारा कार्यकर्ताओं को कायर कहना गुलामी मानसिकता है। असली कायर वे हैं जिनका आजादी की लड़ाई में योगदान नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ है। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत ने पूरे तंत्र पर सवाल खड़ा कर दिया है। अधीक्षक हटाए गए, डीन स्थानांतरित हुए, तब जाकर प्रशासन जागा और कलेक्टर-एसपी ने रात में निरीक्षण किया।
इंदौर में चूहों के काटने से नवजातों की मौत, छिंदवाड़ा में नकली कफ सिरप से बच्चों की मौत, सतना में एचआईवी पॉजिटिव खून चढ़ाने, बालाघाट में 33 बच्चों की मौत और रीवा की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन प्रादेशिक होगा, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार नेतृत्व करेंगे। इस मौके पर महासचिव एवं पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने भी संबोधित किया।
