
नयी दिल्ली 17 अगस्त (वार्ता) भारत ने समुद्री क्षेत्र विशेष रूप से हिन्द महासागर में निगरानी व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए नौसेना के लिए 1943 करोड़ रुपये की लागत से अमेरिकी कपंनी से ढाई साल के लिए दो अत्याधुनिक ड्रोन प्रणाली लीज यानी पट्टे पर लेने के अनुबंंध पर हस्ताक्षर किये हैं। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि उसने नौसेना के लिए 30 महीने की अवधि के लिए दो एम क्यू-9बी ‘सी गार्डियन हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्यूरेंस ‘ (एच ए एलई ) रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स (आरपीएएस) को लीज पर लेने के लिए जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल सिस्टम्स, इंक के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके लिए दोनों के बीच करीब 1,943 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ है।
इस अनुबंध पर आज यहां रक्षा मंत्रालय में रक्षा विभाग के अपर सचिव एवं महानिदेशक (अधिग्रहण), ए. अनबरासु की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। उन्नत प्रणालियों, अत्याधुनिक सेंसरों और परिष्कृत पेलोड से लैस एम क्यू – 9 बी (सी गार्डियन ) नौसेना की समुद्री क्षेत्र में निगरानी क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। ये प्रणाली समुद्री क्षेत्र के विशाल इलाकों में निरंतर खुफिया, निगरानी और टोही कवरेज प्रदान करेंगी, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में होने वाले घटनाक्रमों की निगरानी करने और उन पर प्रतिक्रिया देने की देश की क्षमता मजबूत होगी।
