हिसार (हरियाणा), एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। हरियाणा के हिसार जिले के भेरिया गांव के रहने वाले युवा मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने जापान में आयोजित इन एशियाई खेलों में देश के लिए एक और स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीत लिया है। पुरुषों की 80 किलोग्राम भार वर्ग की फाइनल प्रतियोगिता में अंकुश ने मेजबान देश दक्षिण कोरिया के मजबूत मुक्केबाज किम मिनसॉन्ग को 4-0 के शानदार अंतर से पराजित किया। साल 2018 के बाद पुरुष बॉक्सिंग में भारत का यह पहला एशियन गेम्स गोल्ड मेडल है, जिसके बाद उनके पैतृक गांव भेरिया समेत पूरे हिसार क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है और लोग जश्न मना रहे हैं।
पिता के संघर्ष और खेलप्रेमी परिवार की बदौलत तय किया मुकाम, बिना रिंग के खुले मैदान में की थी कड़ी प्रैक्टिस
अंकुश पंघाल का यहाँ तक का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनके पिता सुरेश पंघाल अपने समय में एक राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं और वर्तमान में किसान हैं। परिवार में दो बहनें भी बॉक्सिंग से जुड़ी हैं। खास बात यह है कि अंकुश ने अपनी शुरुआती ट्रेनिंग हिसार के गांव गंगवा के एक सरकारी स्कूल में कोच प्रदीप सावंत के मार्गदर्शन में बिना किसी आधुनिक रिंग के खुले मैदान में पूरी की थी। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने इससे पहले 2025 में ग्रेटर नोएडा में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में सिल्वर मेडल और इस साल चेक गणराज्य में ग्रांड प्रिक्स तथा ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
हिसार लौटने पर होगा भव्य स्वागत, खेल मंत्री और परिजनों ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि पर परिजनों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अंकुश की इस सफलता के बाद उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिजनों ने बताया कि जब अंकुश विदेश से अपने वतन लौटेंगे, तो हिसार में उनका भव्य स्वागत किया जाएगा और एक विशाल जुलूस निकाला जाएगा। राज्य सरकार और खेल प्रेमियों का मानना है कि अंकुश का यह प्रदर्शन आने वाले समय में देश के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगा और वे भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी देश का मान बढ़ाएंगे।

