चरखी दादरी (हरियाणा), एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाने वाली देश की स्टार खिलाड़ी और चरखी दादरी के बिलावल गांव की बहू रीतू श्योराण का अपने गृह क्षेत्र लौटने पर जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। इस शानदार स्वागत समारोह में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मंत्री ने रीतू श्योराण को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर और नोटों की माला से सम्मानित किया, साथ ही दादरी जिले के अन्य कबड्डी खिलाड़ी सुमित सांगवान का भी अभिनंदन किया। इस अवसर पर भारतीय महिला व पुरुष टीमों के खिलाड़ियों सहित कई प्रतिष्ठित खेल हस्तियां भी मौजूद रहीं।
महिला टीम ने लगातार पांचवीं बार जीता खिताब, सरकार की ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति की हो रही है चारों तरफ सराहना
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार ने हरियाणा सरकार की खेल नीति की जमकर तारीफ की और इसे देश का सर्वश्रेष्ठ मॉडल करार दिया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का तिरंगा लहराने में हरियाणा की माटी का सबसे बड़ा योगदान रहा है। जापान में आयोजित इन एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने लगातार पांचवीं बार खिताब अपने नाम कर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। सरकार द्वारा एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये की नकद राशि और क्लास-1 की सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है, साथ ही ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने के लिए राज्य में 2,000 से अधिक खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं।
सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच को दिया, रीतू श्योराण ने युवा बेटियों को दिया कड़ा परिश्रम करने का संदेश
अपनी इस बड़ी उपलब्धि का पूरा श्रेय माता-पिता, कोच और एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन को देते हुए स्वर्ण पदक विजेता रीतू श्योराण ने कहा कि सही रणनीति और अनुशासन की बदौलत ही यह मुकाम हासिल हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि कबड्डी को कॉमनवेल्थ और ओलंपिक खेलों में शामिल कराने के प्रयास लगातार जारी हैं और उनका अगला बड़ा लक्ष्य आगामी 2030 के आयोजनों में भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। युवा बेटियों और उभरते खिलाड़ियों को संदेश देते हुए रीतू ने कहा कि खेल हो या पढ़ाई, इंसान जो भी क्षेत्र चुने, उसमें अपना शत-प्रतिशत समर्पण और मेहनत अवश्य दे।

