वन कर्मियों की प्रताड़ना के खिलाफ फूटा गुस्सा, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

बैतूल: बैतूल जिले के ग्राम बालाडोंगरी में एक आदिवासी किसान के साथ वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित मारपीट और प्रताड़ना के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी ने अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।पीड़ित अमरदास इवने ने आरोप लगाया कि 27 जून को वन विभाग के रेंजर सुधीर पवार, डिप्टी रेंजर शिवचरण बाथम और नाकेदार बलवीर सिंह उन्हें गांव से कुरसना स्थित वन कार्यालय ले गए, जहां एक कमरे में बंद कर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उपचार के बहाने ले जाकर उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया और मना करने पर दोबारा मारपीट की गई।
पीड़ित के परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में समझौते का प्रस्ताव भी दिया गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
हर्ष भुसारी ने बताया कि चिचोली थाना पहुंचने पर उन्हें जानकारी दी गई कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मामला जांच के लिए बीजादेही थाना भेजा गया है। उन्होंने पुलिस अनुविभागीय अधिकारी से दूरभाष पर चर्चा की, जिन्होंने पांच दिन के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और वन विभाग की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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