संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के आबिद अली को दी चुनौती, ‘तिरंगा ऊंचा लहराना ही मेरा लक्ष्य’

नयी दिल्ली, 08 जुलाई (वार्ता) भारतीय रेसलिंग के दिग्गज और अपराजित प्रोफेशनल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर संग्राम सिंह ने 19 जुलाई को मलेशिया के कुआलालंपुर में पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ होने वाले बहुप्रतीक्षित एशिया चैंपियन टाइटल मुकाबले से पहले पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा बुलंद करना है।

इस मुकाबले से पूर्व आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संग्राम सिंह के साथ पीएमएमए मलेशिया के अध्यक्ष इस्माइल मरज़ुकी बिन, पीएमएमए के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला, आयोजन समिति के सदस्य, संग्राम की कोचिंग टीम के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

भारत बनाम पाकिस्तान का यह मुकाबला पहले ही कॉम्बैट स्पोर्ट्स जगत में जबरदस्त चर्चा का विषय बन चुका है। इस मुकाबले का विजेता एशिया चैंपियन का ताज अपने नाम करेगा।

दो बार के कॉमनवेल्थ हैवीवेट रेसलिंग चैंपियन और भारत के सबसे सफल प्रोफेशनल पहलवानों में शामिल संग्राम सिंह ने प्रोफेशनल एमएमए में कदम रखने के बाद भी इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपने पहले मुकाबले में जॉर्जिया में पाकिस्तान के अली रज़ा नासिर को मात्र 90 सेकंड में हराकर शानदार शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड्स में ट्यूनीशिया के हाकिम त्राबेल्सी और अर्जेंटीना में फ्रांस के फ्लोरियन कूडियर को हराकर अपना अपराजित 3-0 प्रोफेशनल एमएमए रिकॉर्ड कायम रखा। अर्जेंटीना में मिली जीत के साथ वह वहां प्रोफेशनल एमएमए मुकाबला जीतने वाले पहले भारतीय भी बने।

रिंग के बाहर भी संग्राम सिंह देश की सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वह युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के फिट इंडिया आइकन हैं तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत और विकसित भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किए गए हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए संग्राम सिंह ने कहा, “जब भी मैं केज में उतरता हूं, तो सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि 145 करोड़ भारतीयों के लिए लड़ता हूं। भारत और पाकिस्तान का मुकाबला किसी भी खेल में हमेशा विशेष होता है और मैं इससे जुड़ी भावनाओं को अच्छी तरह समझता हूं। मैंने पूरे अनुशासन और अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रति सम्मान के साथ तैयारी की है, लेकिन जैसे ही केज बंद होगा, मेरा एकमात्र लक्ष्य भारत का तिरंगा सबसे ऊंचा लहराना होगा। मेरा मानना है कि फिटनेस, समर्पण और मानसिक मजबूती किसी भी खिलाड़ी के सबसे बड़े हथियार होते हैं।”

रेसलिंग से एमएमए तक के अपने सफर को याद करते हुए संग्राम सिंह ने कहा,“40 वर्ष की उम्र के बाद एमएमए शुरू करने के मेरे फैसले पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे, लेकिन मैं यह साबित करना चाहता था कि जुनून की कोई उम्र नहीं होती। मेरा लक्ष्य सिर्फ खिताब जीतना नहीं, बल्कि देश के युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और खेलों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना भी है। मैं भारत सरकार, फिट इंडिया, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मेरे इस सफर में मेरा साथ दिया।”

संग्राम के कोच भूपेश कुमार ने अपने खिलाड़ी पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, “संग्राम ने अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले दो वर्षों में उनकी रेसलिंग, स्ट्राइकिंग, फिटनेस और मानसिक मजबूती में जबरदस्त सुधार हुआ है। हम आबिद अली का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन संग्राम भारत के लिए एक और यादगार प्रदर्शन देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

 

 

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