न्यूयॉर्क, दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या 1073 (FZ1073) को क्रैश कराने की खतरनाक साजिश रचने वाले सह-पायलट (को-पायलट) की पहचान उजागर हो गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर विमान में तोड़फोड़ करने वाले आरोपी सह-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक ‘हमम अल-हम्मामी’ के रूप में हुई है। ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि ओमान के अधिकारियों ने पहले ही अल-हम्मामी को उसकी कट्टरपंथी विचारधारा के कारण विमान उड़ाने से रोक दिया था। इस बीच, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने असाधारण बहादुरी दिखाते हुए विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारकर 174 यात्रियों की जान बचा ली थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कैप्टन स्मित ने की फोन पर बात, मिडिल-ईस्ट में एविएशन सिक्योरिटी पर खड़े हुए गंभीर सवाल
घटना के बाद से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विमानन सुरक्षा (Aviation Security) को लेकर हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत कर उनकी अदम्य साहस और सूझबूझ की सराहना की। यूएई के एक अस्पताल में उपचार करा रहे कैप्टन मच्छार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ‘असली हीरो’ करार दिया है। इस हाई-प्रोफाइल घटना के चलते यूएई और इजराइल के बीच कमर्शियल उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी, हालांकि दोनों देशों के बीच फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए अब रिपैट्रिएशन फ्लाइट्स (वापसी उड़ानें) शुरू कर दी गई हैं।
आतंकी साजिश और ईरान कनेक्शन की हो रही है जांच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
इस पूरे मामले को लेकर भू-राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिया है कि शुरुआती जानकारियों के आधार पर इस घटना के तार तेहरान से जुड़े हो सकते हैं और यदि ईरान की संलिप्तता साबित हुई तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा। हालांकि, शुरुआती जांच में अभी तक ईरान से सीधे संबंध के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे ‘इस्लामी कट्टरपंथ’ का परिणाम बताते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही है। यूएई के वरिष्ठ राजनयिक सलाहकारों ने भी इस कायराना हरकत को खतरनाक आतंकवादी कृत्य करार दिया है, जिससे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

