इंदौर:राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयिश्विंग एवं पंचकर्म केंद्र, जिला चिकित्सालय में उत्साहपूर्वक मनाया. कार्यक्रम का शुभारंभ धन्वंतरि वंदना से हुआ. इस अवसर पर पंचकर्म चिकित्सा, स्वर्णप्राशन, औषधीय पौधों की प्रदर्शनी और रोग निवारण पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए.डॉ. बख्त्यार अशरफ़ी ने मंच संचालन करते हुए सुश्रुत संहिता, चरक संहिता और अष्टांग हृदय जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों की महत्ता पर प्रकाश डाला.
जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया और सम्भागीय आयुष अधिकारी डॉ. मीना भायल विशेष रूप से उपस्थित रहीं. डॉ. भायल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आयुर्वेद दिवस संदेश भी सुनाया. मुख्य अतिथि आरएमओ डॉ. सतीश नेमा और विशेष अतिथि डॉ. भट (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर) ने आयुर्वेद के विस्तार पर अपने विचार रखे. डॉ. भट ने एक विशेष हर्बल गार्डन विकसित करने का आश्वासन दिया.
समाजसेवी प्रकाश मानवत ने भी स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर दिया. कार्यक्रम में डॉ. शीतल कुमार सोलंकी ने आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से प्लास्टिक सर्जरी पर चर्चा की. अंत में सभी को आयुर्वेदिक काढ़ा परोसा. आयोजन का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के महत्व को रेखांकित करना और आमजन में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना रहा.
