ओकाजाकी (जापान), एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वेयर में खेले गए पुरुषों की व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी स्पर्धा के रोमांचक कांस्य पदक (Bronze Medal) मुकाबले में नीरज चौहान ने अपने ही देश के मजबूत दावेदार धीरज बोम्मादेवरा को 6-4 से शिकस्त देकर ऐतिहासिक पदक अपने नाम किया। एशियाई खेलों के व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट में भारत का यह 16 साल बाद पहला मेडल है। इससे पहले साल 2010 के ग्वांगझू एशियाई खेलों में तरुणदीप राय ने इस इवेंट में रजत पदक जीता था, जिसके बाद से देश को इस श्रेणी में पदक का इंतजार था।
कड़े संघर्ष और रोमांचक सेटों के बीच नीरज ने दिखाई बेहतरीन मानसिक दृढ़ता, धीरज को करना पड़ा चौथे स्थान से संतोष
यह मुकाबला दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच बेहद कड़ा और कांटे का रहा, क्योंकि दोनों ही अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले हारने के बाद इस ब्रॉन्ज मेडल मैच में उतरे थे। सेमीफाइनल में नीरज को जापान के जुन्या नाकानिशी से और धीरज को दक्षिण कोरिया के ली वू-सेओक से हार का सामना करना पड़ा था। मैच की शुरुआत में धीरज ने बढ़त बनाते हुए स्कोर 4-2 कर लिया था और उन्हें जीत के लिए केवल एक सेट की आवश्यकता थी, लेकिन नीरज चौहान ने चौथे और पांचवें सेट में गजब की वापसी की। उन्होंने लगातार सटीक निशाने लगाते हुए स्कोर 4-4 से बराबर किया और आखिरी सेट में शानदार संयम का परिचय देते हुए 9 और 10 के स्कोर के साथ मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।
भारतीय तीरंदाजों का शानदार सफर, मिक्स्ड और टीम स्पर्धाओं में पहले ही जीत चुके हैं कई पदक
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय तीरंदाजों का प्रदर्शन कुल मिलाकर बेहद सराहनीय रहा है। कांस्य पदक विजेता नीरज चौहान और धीरज बोम्मादेवरा दोनों ही इससे पहले टीम और मिक्स्ड स्पर्धाओं में भी देश के लिए पदक जीत चुके हैं। धीरज ने कुमकुम मोहोद के साथ मिक्स्ड टीम इवेंट में रजत पदक हासिल किया था, तथा नीरज और यशदीप भोग के साथ मिलकर पुरुष टीम स्पर्धा में भी सिल्वर मेडल जीता था। इन युवा खिलाड़ियों के निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन से यह साबित होता है कि भारतीय तीरंदाजी आने वाले समय में वैश्विक मंच पर और भी बड़ी सफलताएं हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

