इंदौर: शहर के पश्चिम क्षेत्र में कुक्कुट भवन की 14 एकड़ जमीन पर स्मार्ट सिटी ने रेशो डील के टेंडर जारी किए है. टेंडर की प्री बीड बैठक आज होगी. वहीं टेंडर में भाग लेने की अंतिम तारीख 7 सितंबर है. खास बात यह है कि स्मार्ट सिटी ने इस बार कुल जमीन में से 10 हजार वर्गमीटर का टुकड़ा कम करके अलग रख लिया है. साथ ही टेंडर शर्तो में भारी फेरबदल कर दूसरी बार टेंडर जारी किए है.
स्मार्ट सिटी आर्थिक संकट से उबरने के लिए प्रयास कर रही है. इसको लेकर स्मार्ट सिटी ने द्रविड़ नगर स्थित कुक्कुट भवन की 17 एकड़ जमीन में से 14 एकड़ जमीन के टेंडर निकाले है, जिसकी अंतिम तारीख 7 सितंबर है. टेंडर को लेकर कंपनियों ओर बिल्डरों की पूछताछ के लिए आज प्री बीड बैठक रखी गई है. स्मार्ट सिटी को मध्यप्रदेश सरकार ने प्रस्ताव पारित कर एमओजी लाइन और कुक्कुट भवन की जमीन स्मार्ट सिटी एरिया के विकास कार्य करने हेतु दी थी. सरकार ने कंपनी को प्लॉट बेचकर स्मार्ट सिटी के बचे निर्माण कार्य पूरा करने के लिए जमीन सौंपी गई थी. यह बात अलग है कि स्मार्ट सिटी के एक भी काम पूरे नहीं हुए हैं. शहर में आम व्यवसायिक गतिविधि भी नहीं बढ़ी और ना ही राजस्व बढ़ा एवं ना ही रोजगार में भी बढ़ोतरी हुई. ध्यान रहे कि स्मार्ट सिटी द्वारा पिछले साल 454 करोड़ रुपए में कुक्कुट भवन की 17 एकड़ जमीन तीर्थ गोपीकॉन कंपनी लीज पर दी गई थी. कंपनी द्वारा फर्जी बैंक गारंटी देने के चलते ईडी छापा और जांच चल रही है। कंपनी का मालिक जेल में बंद है.
कुक्कुट भवन 14 जमीन के टेंडर में निम्न शर्ते एवं नियम
– जमीन का मालिक स्मार्ट सिटी और विकास अन्य कंपनी द्वारा (रेशो डील)
– 53 हजार वर्गमीटर जमीन का टेंडर दूसरी बार जारी
– जमीन की न्यूनतम लागत 349.80 करोड़ रुपए
– जमीन का 50 प्रतिशत व्यावसायिक और 50 प्रतिशत आवासीय विकास
– उक्त जमीन पर तीन एफएआर की अनुमति
– जमीन के विकास की लेकर ट्राय पार्टी अनुबंध की शर्त लागू
– टेंडर मंजूर होने पर एक महीने में 5 प्रतिशत राशि और 5 प्रतिशत राशि अगले तीन महीने में देना अनिवार्य
– 6 साल में विकास और निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा
– शेष 90 प्रतिशत राशि 5 साल में पहले साल 15, फिर 20- 20 दो किश्तों में तथा आखिरी किश्त 25 प्रतिशत की अंतिम देय ओर 10 प्रतिशत राशि काम शुरू करने के समय
टेंडर में भाग लेने की सबसे महत्वपूर्ण शर्त और नियम
स्मार्ट सिटी ने तीर्थ गोपीकॉन से झटका खाने के बाद टेंडर में सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक स्थिति को लेकर शर्त रखी है. इसके तहत वही कंपनी योग्य होगी, जिसका सालाना टर्न ओवर 70 करोड़ से ज्यादा और 2025 में नेटवर्थ 52 करोड़ रुपए हो. साथ ही कम से कम 21000 वर्गमीटर या 25 – 25 हजार वर्गमीटर के दो या 42 – 42 हजार वर्गमीटर के दो प्रोजेक्ट किया हो. इसमें भी खास शर्त यह है कि 35 करोड़ रुपए की अनयूटिलाइज्ड बैंक क्रेडिट लिमिट होना अनिवार्य है. साथ ही पिछले तीन वित्तीय वर्ष में 70 करोड़ से ज्यादा की ओरिजनल बैलेंस शीट हो
