नई दिल्ली, छोटे पर्दे की लोकप्रिय अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान डिजिटल मंचों पर महिलाओं को निशाना बनाए जाने की प्रवृत्ति पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिना सोचे-समझे किसी भी महिला की छवि को धूमिल करना और अभद्र टिप्पणियां करना बेहद आम हो गया है, जो समाज की गिरती हुई संवेदनशीलता को दर्शाता है।
महिलाओं को निशाना बनाने पर सवाल
श्वेता ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी कोई महिला अपने विचार रखती है या अपने दम पर जीवन जीने का फैसला करती है, तो उसे तुरंत आलोचना और अपमान का सामना करना पड़ता है। कीबोर्ड के पीछे छिपकर दूसरों की निजता और आत्मसम्मान पर चोट करने वाले लोग यह भूल जाते हैं कि डिजिटल दुनिया में भी एक गरिमा का पालन किया जाना चाहिए।
डिजिटल गरिमा की आवश्यकता
अपने अभिनय सफर के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता और संवाद के लिए होना चाहिए, न कि किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए। श्वेता तिवारी के इस मुखर बयान ने एक बार फिर इंटरनेट पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और साइबर बुलिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर एक नई बहस छेड़ दी है।

