रायपुर, (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शासन की सफलता तभी मानी जाएगी, जब योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े।
मुख्यमंत्री ने सुकमा कलेक्टोरेट में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों सहित प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाये।
मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर मुन्ने’ और ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ को मिशन मोड में संचालित करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिये। राजस्व मामलों में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अभिलेख सुधार से जुड़े लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया।
उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को झींगा पालन, बकरी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके उत्पादों को ‘बस्तर ब्रांड’ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये। पर्यटन क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी को बढ़ावा देकर स्थानीय रोजगार सृजन पर बल दिया।
श्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने तथा वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये।
श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को शिकायत निवारण का प्रभावी मंच बनाया जाएगा और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, महतारी वंदन योजना और किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा, सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए नशा मुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
