
अबू धाबी 22 मई (वार्ता) शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में उच्च स्तरीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शीर्ष नेतृत्व और मीडिया के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर पहलगाम आतंकवादी हमले और आपरेशन सिन्दूर के बारे में जानकारी दी और आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख की पुष्टि की।
भारतीय दूतावास ने यहां बताया कि यूएई चार देशों में व्यापक कूटनीतिक मिशन का पहला पड़ाव है। प्रतिनिधिमंडल ने यूएई नेतृत्व और मीडिया के साथ बैठकें कीं जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के महत्व पर जानकारी दी गई और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख की पुष्टि की गई। इससे पहले, यूएई पहलगाम आतंकवादी हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करने वाला बयान जारी करने वाले पहले देशों में से एक था। यूएई के नेताओं, राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान और उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को फोन करके अपनी संवेदना व्यक्त की थी।
प्रतिनिधिमंडल में सुश्री बांसुरी स्वराज, श्री ईटी मोहम्मद बशीर, श्री अतुल गर्ग, श्री सस्मित पात्रा, श्री मनन कुमार मिश्रा, श्री सुरेंद्रजीत सिंह अहलूवालिया और पूर्व राजदूत श्री सुजान चिनॉय शामिल थे।
इससे पहले आज, प्रतिनिधिमंडल ने सहिष्णुता और सह-अस्तित्व मंत्री शेख नाह्यान मुबारक अल नाह्यान से मुलाकात की। उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमलों के लिए अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान द्वारा भारत में सामाजिक वैमनस्य पैदा करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने टिप्पणी की, “भारत और यूएई आतंकवाद से मिलकर निपटेंगे। यूएई हमेशा भारत के साथ खड़ा रहेगा।”
प्रतिनिधिमंडल ने संघीय राष्ट्रीय परिषद की रक्षा, आंतरिक और विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष डॉ. अली राशिद अल नूमी और अन्य वरिष्ठ अमीराती सांसदों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने 22 अप्रैल को कश्मीर में पर्यटकों पर हुए बर्बर आतंकवादी हमले के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की सटीक, नपीतुली और गैर-उकसावे वाली प्रकृति को रेखांकित किया। श्री अल नूमी ने जोर देकर कहा, “भारत-यूएई संबंध व्यापार और संस्कृति से परे हैं, और इसमें सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दे शामिल हैं। आतंकवाद पूरी मानवता के खिलाफ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब कार्रवाई करनी चाहिए।”
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय मीडिया कार्यालय के महानिदेशक डॉ. जमाल अल काबी के साथ चर्चा की और पाकिस्तान से आने वाले गलत सूचना अभियानों पर चिंताओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने गलत सूचना का मुकाबला करने के लिए तथ्यात्मक साक्ष्य प्रस्तुत किए और पाकिस्तान के प्रचार तंत्र को उजागर किया।
प्रतिनिधिमंडल के नेता के रूप में डॉ. श्रीकांत शिंदे ने यूएई के प्रमुख समाचार पत्र द नेशनल को एक साक्षात्कार दिया, जिसमें सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लंबी लड़ाई और ऑपरेशन सिंदूर के साथ सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री द्वारा नई सामान्य स्थिति स्थापित करने की पूरी समयरेखा खींची गई।
दिन का समापन यूएई में स्थित भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के साथ हुआ, जिसमें उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता दी गई और अपने प्रवासी समुदाय के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने सहिष्णुता, बहुलवाद और एकता के मूल्यों को बनाए रखने और भारत के सामाजिक ताने-बाने को अस्थिर करने के उद्देश्य से विभाजनकारी प्रयासों का विरोध करने के लिए प्रवासी समुदाय को संबोधित किया और उनकी सराहना की।
शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल आबू धाबी और दुबई में स्थित प्रमुख थिंक टैंकों और विचार नेताओं के साथ बंद कमरे में रणनीतिक वार्ता में भाग लेगा।
