जबलपुर: आईपीएस व सीबीआई अधिकारी बनकर की गई 76 लाख रूपए की ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने दो और आरोपियों को कानपुर व लखनउ में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को शहर लाने के बाद पूछताछ की जा रही है जिसमें नए खुलासे होने की उम्मीद है।पुलिस के मुताबिक क्राइम ब्रांच में 28 नवम्बर 25 को अनिल कुमार नन्हौरया 72 वर्ष निवासी संजीवनी नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कथित विजय कुमार ने आईपी.एस अधिकारी, एवं कीर्ति सान्याल ने सीबीआई अधिकारी बनकर व्हाट्सएप के माध्यम से उसे झूठे केस में फंसाकर, गिरफ्तारी, जप्ति का भय दिखाकर 76 लाख रुपए की ठगी की है।
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। इसके साथ ही अजय वर्मा 35 वर्ष निवासी वृन्दावन कॉलोनी रायबरेली रोड लखनउ उप्र को अभिरक्षा में लेते हुये पूछताछ में अहम राज उगले थे। पूछताछ में उसने बताया था कि करीब तीन साल पहले शुभ प्रभवे इंफ्रा प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के नाम पर एकाउंट आइसीआईसी आई बैंक में खुलवाया था जिसका उसका पेन कार्ड एवं आधारकार्ड, मोबाइल नं जुडा हुआ है। लगभग 1 साल से खाता में कोई लेनदेन नही किया था उसकी पहचान वेदप्रकाश वर्मा से थी जिसने चर्चा के दोरान बताया कि तुम्हारे खाते में पैसे आएंगे और उसके परसेंट में तुम्हे पैसा मिलेगा। इसके बाद वे वेदप्रकाश वर्मा, शाहरुख तीनों लखनउ से दिल्ली गये थे जहां कृष्णा एवं विकास मिले थे।
इसके बाद गोलू निवासी अलीगंज लखनउ का रहने वाले का फोन आया था जिसने इंद्रानगर लखनऊ के होटल द स्टे मे उसे और वेदप्रकाश को बुलाया जहा से गोलू उर्फ विशाल उसका मोबाइल ले गया उसे जानकारी नहीं कि उसके एकाउंट में क्या लेन देन हुआ था। उसके हिस्से के पैसे उसके कोटेक महिंद्रा बैंक के एकाउंट मे 100700 रुपये आये थे जो उसने निकाल लिये थे और कर्जदारो को कर्जा चुकाकर खर्च कर दिये थे। इसी प्रकार वेदप्रकाश वर्मा 37 वर्ष निवासी कानपुर रोड एलडीए फालोनी लखनउ ने पूछताछ पर बताया उसकी बुआ का लडका संजय सोनी निवासी सुजानपुरा आलमबाग लखनउ ने लगभग 06 माह पूर्व बताया कि मेरा संबंध दिल्ली के कुछ लोगों से है जो पैसा लेनदेन का काम करते है जिन्हे एकाउंट की आवश्यकता होती है.
जिसमें पैसा आता है और परसेंट में पैसे देते है तो उसने अपने दोस्त अजय वर्मा जो वर्तमान में कोई काम नहीं कर रहा था से एकाउंट के बारे में चर्चा की और पैसे के बारे में बोला जिसने अपना एकाउंट नम्बर देने के लिये हामी भर दी तो वह अजय और शाहरुख के साथ दिल्ली पहुंचा जहॉ कृष्णा एवं विकास से अजय को मिलाया और खाते का यूजर नेम आई डी एवं पासवर्ड दिया था। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और कानपुर में दबिश दी जहां से अंकित सिंह 36 वर्ष निवासी कानपुर उप्र और लखनउ में दबिश देते हुये विशाल सिंह चौहान उर्फ गोलू 33 वर्ष निवासी लकीरपुर खेरी उप्र को गिरफ्तार किया गया।
