ग्वालियर:लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग की संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन प्रशासनिक अकादमी एवं ग्वालियर सहित समस्त संभागीय मुख्यालयों में एक साथ किया गया। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम सडक, भवन और पुल निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण और परियोजना प्रबंधन के विषय पर केंद्रित थे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विभाग में गुणवत्ता नियंत्रण, पारदर्शिता, जवाबदेही, नवीन तकनीकों के उपयोग और अन्य राज्यों के अध्ययन से सीखे गए अनुभवों के साथ विभाग में किये जा रहे अन्य सकारात्मक प्रयासों से समस्त उपस्थित अभियंताओं को अवगत कराया गया। ग्वालियर में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तानसेन रेसीडेंसी में आयोजित हुआ।प्रदेश भर में आयोजित हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख अभियता सहित समस्त मुख्य अभियंताओं नै व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर विभाग के उपयंत्री तक सभी अभियताओं को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में ईएनसी से लेकर उपयंत्री स्तर तक के लगभग 1200 इंजीनियर शामिल हुए।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रशिक्षण कार्यशालाओं को एक साथ संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की सड़कें, पुल और भवन संरचनाएं केवल भौतिक निर्माण नहीं हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के सपनों को साकार करने के साधन हैं। उन्होंने प्रदेश के भविष्य के निर्माण में अभियंताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री सिंह ने कहा “जब आप कोई सड़क बनाते हैं, तो वह केवल लोगों को जोड़ने का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह संभावनाओं का मार्ग बन जाती है।”
मंत्री सिंह ने नवाचार और आधुनिक तकनीकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज का युग नवाचार का युग है। नवीन तकनीकों को अपनाकर हम बेहतर निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने अभियंताओं से कहा की वे निर्माण प्रक्रिया में सस्टेनेबिलिटी, रीसाइक्लिंग और री-यूज को प्राथमिकता दें।मंत्री सिंह ने “गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को विभाग का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि हर निर्माण परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श होनी चाहिए। उन्होंने कहा। की विभाग निविदा शर्तों में सकारात्मक बदलाव की तैयारी कर रहा है जिसके तहत कार्य की गुणवत्ता के लिए सख्त मापदंड तय किए गए हैं साथ ही निर्माण सामग्री की कड़ी जांच और प्रयोगशालाओं के उन्नयन जैसे कदम भी उठाए हैं।
सिंह ने पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए लोकपथ मोबाइल की चर्चा की जो ने केवल सड़कों की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करती है, बल्कि जनता को विभागीय कार्यों में भागीदार भी बनाती है। उन्होंने कहा कि लोकपथ एप ने कम समय पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचाहन स्थापित कर ली है।कार्यशाला को संबोधित करते हुए विशेषज्ञ प्रशांत पोल ने कहा कि मध्यप्रदेश में लोक निर्माण विभाग के कार्यों में गुणवत्ता को और अधिक सुधारने के उद्देश्य से मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत हुई है। उन्होंने अभियंताओं को उनकी कार्यकुशलता और समर्पण के प्रति प्रेरित करते हुए गुणवत्ता युक्त कार्य संस्कृति विकसित करने, नवीन तकनीकों को अपनाने और समयबद्ध योजना पर जोर दिया।
