मुम्बई, 29 मई (वार्ता) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक और सुरक्षा ईकाई ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में हिस्सा लेने वाली टीमों को टूर्नामेंट में ‘स्मार्ट गॉगल्स’ रखने या उनका इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है।
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई द्वारा 18 मई को फ्रेंचाइजी को साझा किये गये प्रोटोकॉल में बताया गया है कि कुछ कंपनियां जो खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को ये स्मार्ट सनग्लास या गॉगल्स बेचती हैं, उनमें एडवांस्ड कम्युनिकेशन फीचर्स होते हैं, जिनमें लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेज भेजना और पाना, साथ ही मोबाइल डेटा या वाई फाई के जरिए ऑडियो और वीडियो कॉलिंग ऑप्शन शामिल हैं।
प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (पीएमओए) स्टैंडर्ड्स के तहत, इन चश्मों या गॉगल्स को ‘ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस’ और ‘कम्युनिकेशन डिवाइस’ के तौर पर क्लासिफाई किया गया है। इसलिए, पीएमओए एरिया में ऐसे डिवाइस रखने या इस्तेमाल करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मैच के दिनों में, सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को पीएमओए में घुसते समय ऐसे डिवाइस अपने मोबाइल फ़ोन और स्मार्टवॉच के साथ ‘सिक्योरिटी लाइजन ऑफिसर’ के पास जमा करने के लिए कहा गया है। इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन न करने पर इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जाएगा, जिसके चलते पेनल्टी लग सकती है।
