भोपाल। भोपाल में दुकान, ऑफिस या दूसरी व्यावसायिक गतिविधि चलाने वालों के लिए बड़ी खबर है।
21 साल बाद भोपाल का नया मास्टर प्लान आने जा रहा है… लेकिन इसके साथ एक बड़ा नियम भी प्रस्तावित है—18 मीटर से कम चौड़ी सड़कों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक।
तो आखिर नया मास्टर प्लान क्या बदलेगा और इसका असर किन लोगों पर पड़ेगा? समझिए…
भोपाल का मास्टर प्लान-2047 अब अंतिम चरण में बताया जा रहा है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा मास्टर प्लान की अवधि दिसंबर 2005 में समाप्त हो गई थी। यानी करीब 21 साल बाद राजधानी को नया मास्टर प्लान मिलने की तैयारी है।
नए मास्टर प्लान में सबसे अहम प्रस्ताव सड़कों की चौड़ाई और उसके आसपास होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर है।
प्रस्ताव के मुताबिक, 18 मीटर से कम चौड़ी सड़कों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध का प्रावधान किया जा सकता है।
दरअसल, भोपाल के कई इलाकों में ऐसी सड़कें हैं, जहां सड़क की चौड़ाई कम है, लेकिन आसपास दुकानें और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
यही वजह है कि नए मास्टर प्लान में लैंड यूज और सड़क की क्षमता को स्पष्ट करने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक पहले से विकसित इलाकों और कुछ मिश्रित लैंड यूज वाले क्षेत्रों के लिए अलग शर्तें तय की जा सकती हैं, ताकि मौजूदा कारोबारियों पर अचानक बड़ा असर न पड़े।
कुछ मामलों में कंपाउंडिंग या सीमित रियायत जैसे प्रावधानों पर भी विचार किया जा सकता है।
मास्टर प्लान-2047 में क्या खास?
18 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर कॉमर्शियल गतिविधि पर रोक का प्रस्ताव
लैंड यूज होगा स्पष्ट
मौजूदा विकसित क्षेत्रों के लिए अलग प्रावधान संभव
करीब 254 गांवों को दायरे में शामिल करने की तैयारी
मास्टर प्लान-2047 में भोपाल शहर के आसपास के 254 गांवों को भी शामिल करने की बात कही गई है।
यानी आने वाले वर्षों में भोपाल का दायरा सिर्फ मौजूदा शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी भविष्य की विकास योजना से जोड़ा जाएगा।
मास्टर प्लान का प्रारूप सार्वजनिक होने के बाद दावे और आपत्तियां भी ली जाएंगी। इसके बाद अंतिम मंजूरी और लागू होने की प्रक्रिया पूरी होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मास्टर प्लान में शहर के विस्तार और निर्माण गतिविधियों को लेकर भी नई प्लानिंग की जा रही है।
इसका मकसद आने वाले वर्षों की बढ़ती आबादी, ट्रैफिक, आवास और बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए शहर के विकास का रोडमैप तैयार करना है।
तो कुल मिलाकर, मास्टर प्लान-2047 भोपाल के अगले कई दशकों का ब्लूप्रिंट होगा।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या 18 मीटर से कम चौड़ी सड़कों वाले इलाकों में कारोबार पर नए नियम लागू होंगे? और 254 गांवों के शामिल होने के बाद भोपाल का नक्शा कितना बदलेगा?
21 साल बाद आने वाला भोपाल का नया मास्टर प्लान… शहर के विकास की दिशा बदलने वाला साबित हो सकता है।
