
उन्होंने अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में कमाना शुरू कर दिया था और अपने परिवार की जिम्मेदारी भी संभाली है। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से एक लड़की और एक महिला के तौर पर आत्मनिर्भर होने की समर्थक रही हूं। मैंने 17 साल की उम्र में कमाना शुरू कर दिया था। मैंने अपने परिवार की जिम्मेदारी भी उठाई है और मुझे इस बात पर बहुत गर्व है।” कृति ने बताया कि इस वर्ष फरवरी से उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की है और फिलहाल जियोपॉलिटिक्स के साथ-साथ अपने वित्तीय मामलों को संभालना भी सीख रही हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार वह अपना पूरा वित्तीय पोर्टफोलियो खुद संभाल रही हैं, क्योंकि यह ऐसी चीज है जिसे उन्हें खुद करना सीखना जरूरी है।
वित्तीय स्वतंत्रता के महत्व पर जोर देते हुए कृति ने कहा कि लड़कियों का आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें यह समझना भी जरूरी है कि वित्तीय दुनिया कैसे काम करती है। उन्होंने कहा, “जिस तरह हम हर महीने पीरियड्स और ओवरऑल वेल-बीइंग की बात करते हैं, उसी तरह बच्चों को यह भी सिखाया जाना चाहिए कि पैसे कैसे कमाने हैं, बचाने हैं, इन्वेस्ट करना है और फाइनेंस कैसे काम करता है। मुझे लगता है कि यह शिक्षा स्कूल से ही मिलनी चाहिए।”
कृति ने कहा कि वित्तीय योजनाओं में भी समय के साथ बदलाव जरूरी है। उन्होंने म्यूचुअल फंड और एसआईपी जैसे निवेश विकल्पों का समर्थन करते हुए कहा कि व्यक्ति को लगातार खुद को और अपनी रणनीति को विकसित करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि करियर से जुड़े फैसले हमेशा के लिए तय नहीं होते, तो वित्तीय योजनाएं भी स्थायी नहीं होनी चाहिए और परिस्थितियों के अनुसार उनमें बदलाव किया जाना चाहिए।
