ओंकारेश्वर। श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान ओंकारेश्वर का सूखे मेवे और भांग से आकर्षक एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया। बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
इस अवसर पर भगवान ओंकारेश्वर की पंचमुखी प्रतिमा का मां नर्मदा के कोठी तीर्थ घाट पर नर्मदा जल और पंचामृत से विधि-विधान के साथ अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ने मां नर्मदा में नौका विहार किया। इसके बाद दोपहर 2 बजे भव्य पालकी यात्रा निकाली गई।
पालकी यात्रा के दौरान मठों, मंदिरों, आश्रमों और अखाड़ों में भगवान का भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह फूलों की वर्षा हुई और श्रद्धालुओं ने ढोल-झांझ के साथ ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष लगाए। देर रात पालकी मंदिर पहुंची, जहां आरती के बाद भगवान को गर्भगृह में विराजित किया गया।
