ज्वालामुखी विस्फोट के कारण फिलहाल चिंता की बात नहीं, उड़ानों की स्थिति पर बोली सरकार

नयी दिल्ली, 25 नवंबर (वार्ता) केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह इथोपिया में हेली गुब्बी ज्वालामुखी के फटने के बाद स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और फिलहाल उड़ानों को लेकर चिंता की बात नहीं है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि ज्वालामुखी से निकले राख के बादल पूर्व दिशा में बढ़ रहे हैं। ऐसे में एटीसी, मौसम विभाग, विमान सेवा कंपनियों और अंतर्राष्ट्रीय विमानन एजेंसियों के साथ वह भी निर्बाध समन्वय सुनिश्चित कर रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने पायलटों के लिए जरूरी नोटिस जारी किया है।

पोस्ट में कहा गया है, ”पूरे देश में परिचालन में कोई बाधा नहीं आयी है, हालांकि सावधानी बरतते हुए कुछ उड़ानों के मार्ग बदले गये हैं या उन्हें रद्द किया गया है। फिलहाल चिंता का कोई कारण नहीं है।” मंत्रालय ने कहा है कि वह स्थिति पर नजर बनाये हुए है। उल्लेखनीय है कि इथोपिया के उत्तरी इलाके में रविवार को हेली गुब्बी ज्वालामुखी 10 हजार साल से भी अधिक समय के बाद सक्रिय हो गया। उससे निकल रहे राख के बादल भारत की तरफ भी आये हैं। पश्चिम एशिया के शहरों के लिए और उस इलाके से होकर गुजरने वाली कई उड़ानें इससे प्रभावित हुई हैं।

टाटा समूह की विमान सेवा कंपनि एयर इंडिया ने सोमवार को सात और मंगलवार को छह उड़ानें रद्द करने की जानकारी दी है। इनमें अमेरिका के न्यूयॉर्क और नेवार्क, दुबई, दोह और दम्मम जाने और वहां से आने वाली उड़ानें कल रद्द की गयी थीं जबकि आज घरेलू मार्गों पर चेन्नई-मुंबई, हैदराबाद-दिल्ली, मुंबई-हैदराबाद, हैदराबाद-मुंबई, मुंबई-कोलकाता और कोलकाता-मुंबई उड़ानें रद्द की गयी हैं। अकासा एयर ने एक बयान में बताया कि उसने 24 और 25 नवंबर की जेद्दा, कुवैत और अबु धाबी की सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं, हालांकि उसने कोई संख्या नहीं बतायी है। उसने प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड देने का वादा किया है।

स्पाइसजेट के एक प्रवक्ता ने बताया कि एयरलाइंस की सिर्फ दुबई की उड़ानों में देरी हो रही है लेकिन कोई उड़ान रद्द नहीं हुई है। वहीं इंडिगो के प्रवक्ता ने रद्द उड़ानों की संख्या बताने से इनकार कर दिया है।
इससे पहले, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सोमवार रात एक एडवाइजरी जारी कर विमान सेवा कंपनियों से सावधानी बरतते हुए अपने मार्गों और फ्लाइट प्लान में जरूरी बदलाव की अपील की थी। उसने कहा था कि विमान सेवा कंपनियों को विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी एडवाइजरी और प्रतिबंधों का पालन करना चाहिये।

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