जबलपुर:यूपी बिहार से जबलपुर होकर आगे महाराष्ट्र, दक्षिण भारत और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों में इन दोनों काफी भीड़ देखी जा रही है। त्यौहारों का सीजन खत्म हो जाने के बाद भी स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ डेली रनिंग ट्रेनों में लगातार वेटिंग बनी हुई है। इसके पीछे का कारण है रसोई गैस। बिहार से महाराष्ट्र लौट रहे एक प्रवासी मजदूर से जब नवभारत ने बात की तो सामने आया कि रोज कमाने खाने वाले मजदूर वर्ग पर दोहरी मार पड़ रही है।
किल्लत के कारण रसोई गैस काफी महंगी मिल रही है। परेशानी ज्यादा बढ़ी तो इन लोगों ने घर लौटने का मन बना लिया। बात सिर्फ यही खत्म नहीं होती। रेल टिकट लेने के समय बिचौलिये भी इनसे एक टिकट पर 200 रुपये अधिक वसूल रहे है। शनिवार को जबलपुर जंक्शन के प्लेटफार्म पर दीक्षाभूमि एक्सप्रेस से उतरे बिहार निवासी निवासी सुखदेव और राजू ने नवभारत को अपनी पीड़ा बताई। कहा कि वे दानापुर में गार्ड की नौकरी करते थे लेकिन, गैस संकट ने बिहार छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
ट्रेनों में लंबी वेटिंग, टिकट नहीं हो रही कन्फर्म
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, वर्तमान में बिहार की ट्रेनों में बर्थ की मांग 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है। वहां से मुंबई, बेंगलुरू, जयपुर, गोंदिया, एलटीटी, बांद्रा, सूरत, अहमदाबाद आदि की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ बढ़ती जा रही है। मालूम हो कि यूपी, बिहार, बंगाल से महाराष्ट्र एवं दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेने जबलपुर होकर गुजरती है। जबलपुर से होकर गुजरने वाली ताप्ती गंगा, मुंबई मेल, गंगा कावेरी, दीक्षाभूमि, महानगरी एवं पवन एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग देखने को मिल रही है।
इन ट्रेनों के जनरल बोगी में भी भीड़ अधिक हो रही है। इन ट्रेनों में जैसे-तैसे प्रवासी घर लौट रहे हैं। शनिवार को जबलपुर पहुंची इन ट्रेनों में प्रवासियों की भीड़ सामान्य से काफी अधिक रही। वहीं, संघमित्रा एक्सप्रेस, ज्ञानगंगा एक्सप्रेस में भी प्रवासी लौट रहे हैं। इन ट्रेनों में 15 अप्रैल तक लंबी वेटिंग लिस्ट है। साथ ही तत्काल में भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है।
