जबलपुर:शहर के नामचीन हॉस्पिटल मार्बल सिटी में सेवाएं देने वाले जालसाज डॉक्टर सतेन्द्र एफआईआर दर्ज होने के बाद ही फरार हो गया हैं जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने चार हजार रूपए का ईनाम घोषित कर दिया है।विदित हो कि मनोज कुमार महावर पिता जगनलाल महावर 36 वर्ष निवासी डीरेल सौरभ आफीसर की मां शांति देवी को 1 सितम्बर 24 को बुखार और सांस लेने मेंं तकलीफ शिकायत हुई थी जिन्हें मार्बल सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 2 सितम्बर 24 को मौत हो गई थी।
जब बेटे ने मेडिकल रिकॉर्ड देखे तो उसमें आईसीयू में उनकी मां डॉ बृजराल उइके की निगरानी मेेंं होने की बात सामने आई थी, इसके बाद जानकारी खंगाली तो पता चला कि डॉ ब्रजराज सिंह उइके ने मां का इलाज करने के लिए आईसीयू में कोई विजिट ही नहीं कियाथा छानबीन में पता चला कि मार्बल सिटी अस्पताल के आइसीयू में सेवा दे रहा सतेन्द्र ने स्कूल में साथ पढऩे वाले ब्रजलाल उइके की 12वीं कक्षा की अंकसूची पर अपना फोटो चिपकाकर एमबीबीएस में प्रवेश लिया था।
आरक्षित कोटे की सीट से मेडिकल काूलेज में प्रवेश कर गया। सत्येन्द्र अल्प पिछड़ा वर्ग से था जिसके चलते उसने दोस्त ब्रजलाल उइके की अंकसूची प्राप्त की, उसमें अपना फोटो चिपकाकर 2011 में मेडिकल प्रवेश लेने के बाद डिग्री हासिल की, दो साल सुपरस्पेशलियटी मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने के बाद मार्बल सिटी में पहुंच गया था। यह भ्ीा जानकारी आई कि कटनी निवासी ब्रजराज की अंकसूची 2012 में चोरी हुई थी। सतेन्द्र ने बृजराज की तस्वीर बदली फिर उसकी फर्जी अंकसूची तैयार करने के बाद फर्जीवाड़ा किया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने अब फरार आरेापी सत्येन्द्र कुमार केवट उर्फ सिकंदर बिंद पिता रामचरण बिंद 37 वर्ष निवासी रामजानकी हनुमान वार्ड, एनके जे कटनी, स्थाई निवासी बीबीपुर तहसील हडिया ब्लाक धनपुर थाना हडिया जिला प्रयागराज उ.प्र. की गिरफ्तार पर चार हजार रूपए का ईनाम घोषित कर दिया है।संजीवनी नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के प्रकरण में फरार प्रदीप कुमार पटेल पिता स्व. ओमप्रकाश पटेल 49 वर्ष निवासी सरस्वती कालोनी चेरीताल पर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने पांच हजार रूपए का ईनाम घोषित किया है।
