भोपाल। मध्यप्रदेश में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कानून, संविधान, साइबर सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था की व्यावहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से राज्यव्यापी ‘सृजन संवाद’ योजना का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश पुलिस, स्कूल शिक्षा विभाग और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के संयुक्त सहयोग से संचालित यह सामुदायिक पुलिसिंग पहल 14 जुलाई को भोपाल में औपचारिक शुभारंभ के बाद अब पहले चरण में लागू कर दी गई है।
योजना के तहत कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को संवादात्मक प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से कानूनों की बुनियादी जानकारी, संवैधानिक मूल्यों, साइबर अपराधों से बचाव, सामुदायिक सुरक्षा, पुलिस कार्यप्रणाली और जिम्मेदार नागरिकता का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों और शिक्षकों को मानकीकृत प्रशिक्षण पुस्तिका एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) कार्यक्रम के जरिए प्रशिक्षित किया जा चुका है।
योजना का पहला चरण 5 अगस्त से 18 जिलों में प्रारंभ हुआ, जबकि शेष जिलों में 6 अगस्त से इसका संचालन शुरू हो गया। इंदौर और भोपाल में यह कार्यक्रम क्रमशः 10 और 11 अगस्त से शुरू होगा।
प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन 100 से 200 विद्यार्थियों को पुलिस अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा संयुक्त कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम की विशेषता विद्यार्थियों का पुलिस थानों का भ्रमण भी है, जहां उन्हें अपराध की रोकथाम, जांच प्रक्रिया, आपातकालीन सेवाओं और नागरिक सहायता तंत्र की प्रत्यक्ष जानकारी दी जाएगी।
यह कार्यक्रम प्रत्येक शनिवार आयोजित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने तथा कानून के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
