
खण्डवा। जिले को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से खण्डवा पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक और सख्त अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 1 मई 2026 से 31 मार्च 2029 तक विशेष अभियान चलाकर ड्रग्स तस्करी, अवैध नेटवर्क और अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने जिले में नशे के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नशे का रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत 31 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 16 शहरी और 15 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर विशेष निगरानी, लगातार दबिश और त्वरित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नशे की लत से ग्रस्त लोगों को नशामुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने के प्रयास भी किए जाएंगे।
पिछले 10 वर्षों में 220 प्रकरणों में 227 आरोपी मादक पदार्थों के मामलों में सामने आए हैं। अब इन सभी का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा और आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
जांच में सामने आया है कि कुछ तस्कर डार्क वेब और क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से नशे का कारोबार कर रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए पुलिस तकनीकी निगरानी को मजबूत कर रही है और अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही तस्करी से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।
जिले में ब्राउन शुगर, गांजा, चरस, अफीम, डोडा, नशीली टेबलेट और प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पड़ोसी जिलों से समन्वय बढ़ाया जाएगा। खण्डवा रेलवे जंक्शन होने के कारण बाहरी नेटवर्क पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
जनजागरूकता के तहत 15 से 31 जुलाई 2026 तक नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान चलाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य नशे की सप्लाई चेन को खत्म कर युवाओं को सुरक्षित भविष्य देना है।
