न्याय की आस में ठगी: देवास से लेकर इंदौर तक फैला जाल, अब CBI से जांच की मांग

देवास। जिले में करोड़ों रुपये की ठगी के चर्चित मामले में अब पीड़ितों ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मामले में दर्ज अपराध क्रमांक 505/2025 के तहत कार्रवाई होने के बावजूद पीड़ितों का आरोप है कि मुख्य आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है और जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही।

फरियादी पक्षों ने प्रेस वार्ता में बताया कि देवास में पिछले दिनों 25 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोप है कि उच्च अधिकारियों से शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।

पीड़ितों का कहना है कि मुख्य आरोपी आनंद देवकर और उसकी पत्नी रूपाली देवकर के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसमें रूपाली देवकर को गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में मुख्य आरोपी द्वारा आत्मसमर्पण किया गया, लेकिन मामले में शामिल अन्य सहयोगियों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

बताया गया है कि आरोपी द्वारा देवास और इंदौर में मिलकर लोगों से बड़ी रकम की ठगी की गई है। इसके बावजूद पीड़ितों का आरोप है कि जांच में सभी तथ्यों को शामिल नहीं किया जा रहा है।

पीड़ितों की प्रमुख मांगें

पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच सीबीआई या ईडी से कराई जाए।

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