बागली: जहां चाह है वही राह है।इस कहावत ग्राम पंचायत मुख्यालय धावड़िया के होनहार बालक श्रेयांश चौहान ने साबित कर दी केंद्रीय विद्यालय में सी बी एस सी 12वीं परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक लाकर पहले ही माता-पिता का और क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले श्रेयांश चौहान ने बगैर कोचिंग सहायता के हिमाचल प्रदेश की सिरमौर यूनिवर्सिटी में आईआईएम में प्रवेश पात्रता परीक्षा पास करके अपनी मेहनत से मिली सफलता को साबित कर दिया श्रेयांश चौहान ने बताया कि उनके शिक्षक पिता शांतिलाल चौहान और माता सुनीता चौहान हर समय सफलता प्राप्त करने की बात करते हुए आशीर्वाद देने के साथ-साथ हर प्रकार से दायित्व निभाते रहे हालांकि कोचिंग क्लास स्थितिवश ज्वाइन नहीं की और घर पर ही मेहनत करने का फैसला लिया श्रेयांश के पिता शिक्षक शांतिलाल चौहान ने बताया कि यहां पर दो कहावत अलग-अलग प्रकार से लागू हो गई जहां चाह वहां राह वाली कहावत मेरे पुत्र ने आई आईं एम परीक्षा प्रवेश लेकर पूर्ण कर दी वहीं दूसरी मिथ्या कहावत जो पहले चलती थी शिक्षक का बेटा कभी भी शिक्षित नहीं होता यहां भी यह कहावत गलत साबित हो गई और मेरे पुत्र ने कड़ी मेहनत के साथ यह सफलता प्राप्त की पारिवारिक मित्र वारिस अली सुनील योगी हीरालाल गोस्वामी वासुदेव जोशी राकेश नागोरी आदि ने पूरे परिवार को बधाई देते हुए कहा कि श्रेयांश की सफलता से बागली क्षेत्र की बच्चों के सफलता के द्वार खुलते हैं। बहुत कठिन समझे जाने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए श्रेयांश का मार्गदर्शन क्षेत्र के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।
